Saturday, February 7, 2026

            कोरबा: मधुमक्खी पालन से खुला किसानों के आर्थिक समृद्धि का द्वार

            कोरबा (BCC NEWS 24): जिला कोरबा में राज्य पोषित योजनांतर्गत परागण योजना के माध्यम से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना ने विकासखण्ड पोंड़ी-उपरोड़ा के ग्राम कुटेश्वर, नगोई, बझेरा, सिंघिया और जुराली के किसानों के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। कुछ वर्ष पहले तक ये किसान केवल धान की खेती पर निर्भर थे, जिससे उनकी आय सीमित रहती थी। मधुमक्खी पालन ने उन्हें कम लागत में अधिक लाभ कमाने का अवसर प्रदान किया और किसानों तथा युवाओं को नए स्वरोजगार से जोड़ा।

            उद्यानिकी अधिकारी श्री पी एस सिंह ने बताया कि किसानों द्वारा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर मधुमक्खी पालन की सभी आवश्यक जानकारियाँ प्राप्त की गईं। कृषि उद्यान केन्द्र कटघोरा और शासकीय उद्यान रोपणी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान मधुमक्खी पालन के विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक तरीकों को सीख सके, जिसके परिणामस्वरूप वे कम लागत में अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मधुमक्खी पालन से एक पेटी में सालभर में लगभग 15 से 25 किलो तक शहद का उत्पादन होता है, जबकि 20 पेटियों से किसान एक से दो लाख रुपये तक की आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।

            मधुमक्खियों द्वारा फसलों में अधिक परागण होने से सब्जियों, दलहन, तिलहन तथा फलदार फसलों की पैदावार 15 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। शहद के साथ-साथ मोम, पराग, रॉयल जेली और मधुमक्खी विष जैसे उत्पादों की दवा, कॉस्मेटिक और आयुर्वेदिक उद्योगों में लगातार बढ़ती मांग ने किसानों की कमाई के नए रास्ते खोले हैं। मधुमक्खी पालन की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि इसके लिए बड़ी जमीन की आवश्यकता नहीं पड़ती। किसान घर के आंगन या खेतों के किनारे आसानी से पेटियाँ रखकर उत्पादन कर सकते हैं और मौसम खराब होने पर भी शहद उत्पादन से आय बनी रहती है।

            मधुमक्खी पालन योजना का मुख्य उद्देश्य परागण में वृद्धि कर फसलों की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार लाना तथा शहद उत्पादन के माध्यम से कृषकों को अतिरिक्त आय और रोजगार उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को 45 मधुमक्खी कॉलोनियाँ और 45 पेटिकाएँ प्रदान की गई हैं। मधुमक्खी के एक छत्ते की कुल लागत 2000 रुपये निर्धारित है, जिसमें 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1000 रुपये का अनुदान किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।


                          Hot this week

                          कोरबा: शासन की योजनाओं के तहत युवाओं के लिए अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करें बैंक- कलेक्टर

                          डीएलसीसी एवं डीएलआरसी की तिमाही बैठक संपन्नबैंकों को फरवरी...

                          Related Articles

                          Popular Categories