ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और आधुनिक कृषि उपकरणों से सब्जी उत्पादन को मिला बढ़ावा, खेती बनी बेहतर आमदनी का माध्यम
कोरबा (BCC NEWS 24): किसानों की मेहनत को बेहतर आमदनी में बदलने के लिए आधुनिक तकनीक, पानी का उचित प्रबंधन और उन्नत कृषि उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में उद्यानिकी विभाग की योजनाएं किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर विविध फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। शासकीय योजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई, संरक्षित खेती और कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलने से किसान खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। इसका लाभ उत्पादन बढ़ाने, फसलों की गुणवत्ता सुधारने और आमदनी के नए अवसर विकसित करने में मिल रहा है।
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास निवासी किसान श्री छत्रपाल सिंह कंवर की कृषि यात्रा में भी इन सुविधाओं ने महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। पहले वे मुख्य रूप से परंपरागत तरीके से धान की एकल मौसमी खेती करते थे। सिंचाई के सीमित साधन, आधुनिक कृषि उपकरणों की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव में उनकी वार्षिक आय लगभग 70 से 80 हजार रुपये तक ही रहती थी। खेती से आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें ऐसी तकनीक और संसाधनों की जरूरत थी, जिनसे पानी का बेहतर उपयोग हो और वर्षभर अलग-अलग फसलों का उत्पादन किया जा सके।
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जुड़ने के बाद श्री कंवर को आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने में सहायता मिली। वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई संयंत्र, फेंसिंग, प्लास्टिक मल्चिंग, पावर टिलर और पावर स्प्रेयर जैसी सुविधाओं के लिए अनुदान का लाभ मिला। इन संसाधनों का उपयोग करते हुए उन्होंने धान के साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। ड्रिप सिंचाई से पानी का बेहतर प्रबंधन, मल्चिंग से फसलों की देखभाल और पावर टिलर से कृषि कार्यों को आसान बनाने में मदद मिली।
आधुनिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई।
हितग्राही श्री छत्रपाल सिंह कंवर ने बताया, “पहले मैं केवल धान की खेती करता था। सिंचाई के पर्याप्त साधन और आधुनिक उपकरण नहीं होने से आमदनी सीमित रहती थी। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से सहायता मिलने के बाद खेती को नए तरीके से करने का अवसर मिला। अब धान के साथ मौसमी सब्जियां भी उगा रहा हूं। ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और पावर टिलर से काम आसान हुआ है और फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। पहले साल भर में 70 से 80 हजार रुपये की आय होती थी, अब 4 से 5 लाख रुपये तक कमा पा रहा हूं। मैं गांव के दूसरे किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। किसानों को आगे बढ़ने के लिए ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”

(Bureau Chief, Korba)







