’अंधेरी राहों से रोशन रास्तों तक, चोरभट्टी में सोलर हाईमास्ट से बदली रात की तस्वीर’
कोरबा (BCC NEWS 24): “पहले शाम ढलते ही घर से बाहर निकलने से पहले रास्ते की चिंता रहती थी। हाथ में टॉर्च या मोबाइल की रोशनी लेकर चलना पड़ता था, बारिश में सड़क किनारे की झाड़ियां और रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता था। अब गांव के चौक पर सोलर हाईमास्ट की रोशनी रहती है, इसलिए रात में बाजार से लौटना हो या किसी जरूरी काम से बाहर जाना, रास्ता साफ नजर आता है।” ग्राम चोरभट्टी के एक ग्रामीण की यह बात गांव में सोलर हाईमास्ट से आए बदलाव को बयां करती है। कटघोरा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चोरभट्टी में पहले शाम के बाद चौक और आसपास के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से ग्रामीणों को रात के आवागमन में परेशानी होती थी। बच्चों और बुजुर्गों के देर से लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता रहती थी। अंधेरे में जंगली जानवरों तथा सांप-बिच्छू की आशंका के कारण भी ग्रामीणों को अतिरिक्त सावधानी रखनी पड़ती थी।
ग्रामीणों की इस जरूरत को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत राशि के माध्यम से क्रेडा विभाग के सहयोग से ग्राम चोरभट्टी में सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापित की गई है। अब चौक और आसपास का क्षेत्र रात में पर्याप्त रोशनी से प्रकाशित रहता है। मौसम खराब होने अथवा विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर बैटरी बैकअप से भी प्रकाश की सुविधा मिलती है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सुविधा का असर रोजमर्रा के कामों में साफ महसूस होता है। पहले शाम होते ही जरूरी काम जल्द पूरा कर घर लौटने की कोशिश रहती थी। अब बाजार से सामान लेकर लौटना, पड़ोस में जाना, देर से आने वाले परिवार के सदस्य को लेने निकलना या किसी जरूरी काम से चौक तक जाना आसान हो गया है। रोशनी के कारण सड़क और आसपास का हिस्सा स्पष्ट दिखाई देता है, जिससे रात में चलने का भरोसा बढ़ा है। सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इसके लिए बिजली बिल का अतिरिक्त खर्च भी नहीं आता।
ग्रामीण ने कहा, “अब गांव में रात पहले जैसी नहीं लगती। चौक और रास्ते पर रोशनी रहती है तो बच्चों और बुजुर्गों के आने-जाने को लेकर भी मन में भरोसा रहता है। जंगली जानवर और सांप-बिच्छू भी दूर से नजर आ जाते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि हमारे जैसे दूरस्थ गांव में रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी यह सुविधा पहुंची है।”

(Bureau Chief, Korba)






