KORBA: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोरबा जिले के हरदी बाजार पहुंचे। जहां उन्होंने भू-विस्थापितों से मुलाकात की। बघेल ने इस दौरान कोयला खदानों के लिए ग्रामीणों की लिए जाने वाली जमीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वह प्रबंधन और प्रशासन से डरने के बजाय डटकर लड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि कोयला कंपनी खदान विस्तार के लिए जिले के कई गांव में जमीन लेने के बाद अब कंपनी की नजर हरदी बाजार पर है। लगातार इस इलाके का सर्वे करने की प्लानिंग की गई लेकिन लोगों की विरोध के कारण मामला फेल हो रहा है।
इस दौरान हरदी बाजार के लोगों को तरह-तरह से दबाव बनाने और डरने की कोशिश की जा रही है। लोगों ने अपनी समस्या के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अवगत कराया, जिस पर वे हरदी बाजार पहुंचे।

कोरबा में विस्थापित संगठन का कार्यक्रम।
बाजार मूल्य के हिसाब से जमीन का मुआवजा मिले- बघेल
विस्थापित संगठन के आयोजित कार्यक्रम में भूपेश बघेल के अलावा कटघोरा के पूर्व विधायक बौदराम कंवर और पुरुषोत्तम कंवर ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने इस दौरान कई सवाल उठाए और अधिकारियों को निशाने पर लिया।
सभा के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत की और बताया कि हरदी बाजार में जो समस्याएं हैं उनका समाधान बेहतर तरीके से करने के बजाय मामले को उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। यहां के लोगों को 2004 के बजाय 2025 के बाजार मूल्य के हिसाब से उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
कंपनी से डरने के बजाय उससे जमकर लड़े – भूपेश बघेल
भूपेश बघेल ने साफ तौर पर कहा कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड भारत सरकार के अधीन आता है और यहां पर भी उसी के नियम लागू होते हैं। इसलिए विस्थापित वर्ग के साथ किसी प्रकार से अन्याय नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को मनमानी करने से बाज आने को कहा। वही लोगों को लोगों को यह भी समझाया कि कोयला कंपनी से डरने के बजाय उससे जमकर लड़े।

(Bureau Chief, Korba)





