कोरबा: गोमांस बेचने का शक, बजरंग दल का हंगामा… मोची के घर फ्रीजर में मिला मांस और खाल, मां और बेटे से जमकर धक्का-मुक्की

              कोरबा: जिले में एक मोची के घर से बड़ी मात्रा में गोमांस और खाल बरामद हुए हैं। जिसके बाद बजरंग दल ने जमकर हंगामा कर दिया है। संगठन का कहना है कि यहां से गायों को मारकर मांस बेचा जा रहा है। इसलिए यहां इतना मांस जमा किया गया था। इस बात को लेकर बजरंग दल ने काफी देर तक नारेबाजी की है। साथ ही मोची और उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

              बताया गया है कि सोमवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि मोतीसागर पारा क्षेत्र में रहने वाले राजेश मोची के घर में बड़ी मात्रा में गोमांस है। साथ ही उसके पीछे के कमरे में खाल रखा हुआ है। जिसकी बदबू आस-पास के लोगों को भी आई थी।

              सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने ही कार्यकर्ताओं को शांत कराया है।

              सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने ही कार्यकर्ताओं को शांत कराया है।

              इसके बाद संगठन के लोग घर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को भी इस बात की सूचना दी थी। मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने घर का एक कमरा खोला तो अंदर से गायों की हड्डियां और मांस मिले। उधर, पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने जैसे ही घर में रखी बड़ी फ्रीजर को खोला तो उसके अंदर भी मांस ही मांस था।

              घर में कमरे के अंदर इस तरह से मांस और खाल पड़े हुए थे।

              घर में कमरे के अंदर इस तरह से मांस और खाल पड़े हुए थे।

              ये देखकर कार्यकर्ता और हंगामा करने लगे। इसके बाद मोची की पत्नी और बेटे ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता शांत नहीं हुए। कार्यकर्ताओं ने मोची की पत्नी और उसके बेटे से ही जमकर धक्का-मुक्की की है। इस पर पुलिस ने बीच बचाव किया और कार्यकर्ताओं को शांत किया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और जांच कराने की बात कह रही है।

              एक कमरे के अंदर सिर्फ खाल ही खाल मिला है।

              एक कमरे के अंदर सिर्फ खाल ही खाल मिला है।

              उधर बजरंग दल के बजरंग दल के जिला अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि इस तरह की चीजें अत्यंत आपत्तिजनक है और यह सब बंद होना चाहिए। हमने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस हंगामे के बाद राजेश मोची का भी अपना पक्ष है। उसका कहना है कि हमारा यही काम है। इसलिए हमने इसे जमा कर रखा है। इससे हम नगाड़ा, वाद्ययंत्र बनाते हैं। हम इसे बेचने का काम नहीं करते हैं।


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