Saturday, February 21, 2026

              कोरबा : जिले की चोटिया-चिरमिरी सड़क निर्माण में जमकर हुआ भ्रष्टाचार, जांच में सामने आई गड़बड़ी, डिप्टी CM साव का एक्शन; 2 अफसर सस्पेंड, 2 को शोकॉज नोटिस जारी

              KORBA: कोरबा जिले के चोटिया-चिरमिरी मार्ग पर 23 किलोमीटर की सड़क निर्माण में अफसरों ने आंख मूंदकर गड़बड़ी की। कांग्रेस सरकार में बनी ये सड़क अब जर्जर हो गई है, जिसकी जांच कराने पर डामरीकरण की मोटाई औसतन कम करने और काम की डेनसिटी (घनत्व) भी कम पाई गई।

              इस लापरवाही और गड़बड़ी को लेकर डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री ने दोषी अफसरों पर एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर एसडीओ और सब इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, कार्यपालन अभियंता (EE), अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है।

              घोटालेबाज दो अफसरों को निलंबित कर दिया गया है।

              घोटालेबाज दो अफसरों को निलंबित कर दिया गया है।

              दरअसल, लोक निर्माण विभाग की ओर से बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरिया, सरगुजा, सूरजपुर से लगे सड़क मार्ग में सुधार के लिए स्टीमेट तैयार किया था। अलग-अलग जगह से सड़क की दशा में सुधार के लिए स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया था।

              जिसके बाद साल 2018-19 में कोरबा के चोटिया-चिरमिरी मार्ग के उन्नयन और नवीनीकरण के लिए राशि जारी की गई। सड़क बनकर तैयार भी हो गई और अफसरों ने बिना निरीक्षण के ही ठेकेदार को राशि जारी कर दी।

              गड़बड़ी करने वाले अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी किया गया है।

              गड़बड़ी करने वाले अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता को नोटिस जारी किया गया है।

              स्थानीय भाजपा नेताओं ने की शिकायत

              स्थानीय भाजपा नेताओं ने नवनिर्मित सड़क की जर्जर हालत में सुधार की मांग को लेकर चक्काजाम किया था, जिसके बाद उन्होंने विभागीय मंत्री और डिप्टी सीएम अरुण साव से शिकायत की थी। इस दौरान 15 दिनों के भीतर सड़क को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन जब डिप्टी सीएम ने जानकारी ली, तब पता चला कि पिछली सरकार के कार्यकाल में करोड़ों रुपए की लागत से सड़क का उन्नयन और नवीनीकरण किया गया था।

              जांच में सामने आई गड़बड़ी

              उन्होंने इस मामले की जांच के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिए। अफसरों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया, तब पता चला कि काम अमानक स्तर का हुआ है। वहीं गुणवत्ता के मापदंडों का पालन नहीं किया गया है। मार्ग के डामरीकरण की औसतन मोटाई कम है और निर्माण कार्य में कम घनत्व है। इसकी वजह से सड़क जर्जर हो गई है।

              निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्यपालन अभियंता पर भी कार्रवाई हो सकती है।

              निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने पर कार्यपालन अभियंता पर भी कार्रवाई हो सकती है।

              इन अफसरों ने बरती लापरवाही

              जांच के बाद सड़क निर्माण में लापरवाही और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने के लिए कटघोरा के अनुभाविभागीय अधिकारी एसपी साहू और उप अभियंता राकेश वर्मा को दोषी पाया गया है, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इसी तरह लापरवाही में सहभागी एसडीओ और प्रभारी अतिरिक्त कार्यपालन अभियंता आर एन दुबे के साथ ही तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एके वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


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