KORBA : मेडिकल कालेज में नवजात शिशुओं के उपचार में नहीं आयेगी समस्या

              • एसएनसीयू में छह बिस्तर और बढ़ेंगे, वर्तमान में है 12 बेड की सुविधा
              • पीएचसी कोरबा में पोर्टेबल एक्सरे की भी होगी सुविधा
              • जिला प्रशासन की पहल पर सीएसआर मद में एनटीपीसी से मिली एक करोड़ 05 लाख राशि की स्वीकृति

              कोरबा (BCC NEWS 24): जिले में स्थित स्वर्गीय बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरबा में जल्द ही स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि होने वाली है। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने एनटीपीसी को सीएसआर मद से स्वास्थ्य सुविधा हेतु उपकरण और सामग्री के लिए प्रस्ताव प्रेषित किया था। प्रस्ताव प्राप्त होने के पश्चात एनटीपीसी ने मेडिकल कालेज में नवजात शिशुओं के उपचार की सुविधा में वृद्धि के लिए और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोरबा में एक्सरे की सुविधा के लिए एक करोड़ पांच लाख की राशि स्वीकृत की है। उक्त राशि की स्वीकृति से मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग में बिस्तरों की संख्या 12 से बढ़कर 18 हो जाएगी। वहीं पीएचसी कोरबा में पोर्टेबल एक्सरे मशीन की व्यवस्था होने से यहां आने वाले मरीजों को एक्सरे जांच के लिए निजी अस्पताल नहीं जाना पडे़गा।

              जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग से मांग आई थी कि स्वर्गीय बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के शिशु रोग विभाग में नवजात शिशु ईकाई (एसएनसीयू) में विगत कुछ वर्षों से नवजात शिशुओं की भर्ती में वृद्धि हुई है। जिसकी वजह से बिस्तरों की संख्या कम पड़ रही है। यहां नवजात शिशुओं के उपचार हेतु बिस्तरों की संख्या को 12 से बढ़ाकर 18 करने का प्रस्ताव दिया गया था। ताकि अधिक से अधिक शिशुओं का इलाज हो सके। इसी तरह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोरबा में मरीजों को एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी मांग की गई थी। इसके लिए कुल एक करोड़ पांच लाख की राशि का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गया था।  कलेक्टर श्री वसंत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के आधार पर महाप्रबंधक एनटीपीसी को सीएसआर मद से उक्त राशि स्वीकृति हेतु पत्र लिखा था। कलेक्टर द्वारा प्रेषित पत्र के आधार पर एनटीपीसी द्वारा नवजात शिशु ईकाई में आवश्यक उपकरण और सामग्री तथा पोर्टेबल एक्स-रे के लिए एक करोड़ पांच लाख की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।


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