महादेव बेटिंग ऐप का मालिक रवि उप्पल UAE में गिरफ्तार… जल्द भारत लाने की तैयारी; मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED जांच कर रही है

              रायपुर: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के सह संस्थापक रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार कर लिया गया है। रवि भारत में वांटेड है। भारतीय एजेंसियां UAE के अधिकारियों के संपर्क में हैं। रवि को जल्द ही भारत लाया जा सकता है।

              प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कहने पर इंटरपोल ने रवि उप्पल के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। माना जा रहा है कि इसके बाद सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी भी जल्द हो सकती है। पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिल गई है।

              महादेव ऐप छत्तीसगढ़ में बड़ा चुनावी मुद्दा था। इसे बीजेपी ने अपने आरोप पत्र और चुनावी घोषणा पत्र में भी शामिल किया था। पार्टी ने सरकार बनने पर कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया था।

              रवि उप्पल इंजीनियर भी हैं। पार्टनर सौरभ चंद्राकर के साथ महादेव ऐप की शुरुआत की थी।

              रवि उप्पल इंजीनियर भी हैं। पार्टनर सौरभ चंद्राकर के साथ महादेव ऐप की शुरुआत की थी।

              रवि उप्पल पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस
              मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED महादेव ऐप जांच कर रही है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस भी जांच में जुटी है। ED ने अक्टूबर में रायपुर में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत के सामने उप्पल और उसके पार्टनर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था।

              ED ने जब्त की थी 417 करोड़ की संपत्ति
              ED ने 2 महीने पहले महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप केस में मुंबई, कोलकाता और भोपाल में करीब 39 ठिकानों पर छापेमारी कर 417 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी। रवि उप्पल साथी सौरभ चंद्राकर के साथ UAE में रह रहा था। केंद्र सरकार ने 1 महीने पहले ही महादेव सट्टेबाजी ऐप समेत 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया था।

              सौरभ चंद्राकर के साथ शुरू की थी महादेव बेटिंग ऐप

              2017 में रवि और सौरभ ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए पैसा कमाने के लिए एक वेबसाइट बनाई थी। हालांकि, शुरुआत में इस वेबसाइट के कम यूजर्स थे और इससे काफी कम कमाई होती थी। 2019 में नौकरी के लिए सौरभ दुबई चला गया। कुछ समय बाद सौरभ ने अपने दोस्त रवि उत्पल को भी दुबई बुलवा लिया।

              रवि के दुबई पहुंचने से पहले सौरभ ने बेटिंग वेबसाइट के जरिए पैसा कमाने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। इसके बाद दोनों ने महादेव बुक ऑनलाइन के नाम से एक बेटिंग वेबसाइट और ऐप बनाया। इसे सोशल मीडिया और दूसरे तरीके से प्रमोट करना शुरू कर दिया।

              सौरभ ने महादेव कंपनी का बिजनेस फैलाने के लिए दो रास्ते अपनाए।
              पहला: सोशल मीडिया मार्केटिंग और इन्फ्लुएंसर के जरिए ऐप को प्रमोट करवाया।
              दूसरा: सट्टा लगाने वाले दूसरे ऐप और वेबसाइट को खरीद लिया।

              4 हजार के करीब पैनल ऑपरेटर्स का नेटवर्क खड़ा किया

              ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के जरिए सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने देश में करीब 4 हजार पैनल ऑपरेटरों का नेटवर्क खड़ा किया था। हर पैनल ऑपरेटर के पास 200 ग्राहक थे जो सट्टा लगाते थे। कहा जा रहा है कि इस तरह से दोनों रोजाना 200 करोड़ की कमाई कर रहे थे। अपनी इसी काली कमाई से संयुक्त अरब अमीरात में अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया।

              ED ने पिछले महीने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप केस में मुंबई, कोलकाता और भोपाल में करीब 39 ठिकानों पर छापेमारी कर 417 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी।

              बीजेपी ने अपने आरोप पत्र और घोषणा पत्र में किया था जिक्र

              चुनाव के दौरान बीजेपी ने अपने आरोप पत्र और बाद में घोषणा पत्र में भी महादेव सट्टा ऐप का जिक्र किया था।


                              Hot this week

                              रायपुर : “आकार-2026”: रंग, रचनात्मकता और परंपरा का महाकुंभ

                              संस्कृति विभाग का कला प्रशिक्षण शिविर 25 मई सेदेशज...

                              रायपुर : कोपरा जलाशयः छत्तीसगढ़ का पहला रामसर स्थल बना पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

                              जैव विविधता, जल संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संगमरायपुर...

                              KORBA : जनसमस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जल्द शुरू होगी 24×7 सीएम हेल्पलाइन

                              मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सीएम हेल्पलाइन...

                              रायपुर : 96 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि ने खोले इतिहास और लोकसंस्कृति के नए आयाम

                              ज्ञानभारतम अभियान के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मिला पहला...

                              Related Articles

                              Popular Categories