Tuesday, February 17, 2026

              मारुति की कारें 0.45% हुई महंगी… मैन्युफैक्चिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण फैसला लिया, महिंद्रा ने भी थार; स्कॉर्पियो और XUV700 की कीमत बढ़ाई

              नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी कार मेकर मारुति सुजुकी ने अपने सभी मॉडलों की कारों की कीमतों को आज यानी 16 जनवरी से बढ़ा दिया है। मैन्युफैक्चिंग कॉस्ट बढ़ने के कारण मारुति ने कीमतों में इजाफा किया है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि सभी मॉडलों की एवरेज कीमत में 0.45% की बढ़ौतरी की गई है।

              इससे पहले मारुति सुजुकी ने पिछले साल 1 अप्रैल को अपनी सभी गाड़ियों की कीमत को बढ़ाया था। कंपनी एंट्री-लेवल हैचबैक ऑल्टो से लेकर मल्टी-यूटिलिटी व्हीकल इनविक्टो की डाइवर्स रेंज बेचती है। इन व्हीकल्स की कीमत ₹3.54 लाख से शुरू होकर ₹28.52 लाख तक जाती है। सभी कीमतें दिल्ली एक्स शोरूम की हैं।

              इसके साथ ही महिंद्रा ने थार, स्कॉर्पियो एन, स्कॉर्पियो क्लासिक और XUV700 की भी कीमतों में बढ़ोतरी की है। हालांकि, महिंद्रा XUV700 के कुछ वेरिएंट्स की कीमत में कटौती की गई है।

              दिसंबर में मारुति ने सबसे ज्यादा 1.18 लाख कारें बेचीं
              फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल एसोसिएशन यानी FADA की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर में मारुति सुजुकी इंडिया ने सबसे ज्यादा 1,18,295 लाख कारें बेची हैं। इस महीने पैसेंजर व्हीकल्स कैटेगरी में कंपनी का मार्केट शेयर 40.37% रहा है। एक साल पहले दिसंबर में कंपनी ने 1,18,194 लाख कारें बेची थीं, तब उसका मार्केट शेयर 41.41% रहा था।

              वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा 31,544 कारों की बिक्री के साथ इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। एक साल पहले दिसंबर 2022 में महिंद्रा ने 27,678 कारें बेची थीं।

              भारतीय बाजार में 6 ईवी उतारेगी मारुति सुजुकी
              आने वाले समय में कंपनी का फोकस ग्रीन एनर्जी पर रहेगा। इसके तहत अब वह अपनी कारों को गाय के गोबर से बने बायो गैस पर चलाने की तैयार कर रही है। SMC ने टोयोटा-सुजुकी साझेदारी के तहत 6 इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने की योजना बनाई है। 2024 में वह अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी भारत में लॉन्च कर देगी। इसके बाद 2030 तक अगली 5 कारों को भारतीय बाजार में उतारा जाएगा।

              SMC का कहना है कि हम अलग-अलग देशों की सरकार के निर्धारित लक्ष्य के आधार पर साल 2070 तक कार्बन न्यूट्रलिटी हासिल करने पर काम कर रहे हैं। इसके लिए जापान-यूरोप में 2050 और भारत में 2070 तक के टारगेट सेट किए हैं। कार्बन न्यूट्रल पोर्टफोलियो को हासिल करने के लिए कंपनी 4.5 ट्रिलियन येन (लगभग 2.82 लाख करोड़ रुपए) का निवेश करेगी। कंपनी का 4.39 लाख करोड़ रुपए के टर्नओवर का लक्ष्य है।


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