काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए संसद में भारत और चीन को धन्यवाद दिया। बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और आपात मदद भेजी।
भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। भारतीय टीमें सुरंगों में सर्च ऑपरेशन और शवों की पहचान में मदद कर रही हैं। वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं।
बाढ़ में अब तक 1127 लोगों की मौत हो चुकी है और 4800 से ज्यादा लोग लापता हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी भी गायब हैं। आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों में फंसे हो सकते हैं।
नेपाल त्रासदी की 4 तस्वीरें…

काठमांडू में लापता परिजनों की फोटो लगाने में लोगों की मदद करता एक बच्चा।

रहवासी इलाकों से बाढ़ के बाद के मलबे को हटाया जा रहा है।

बाढ़ में मृत लोगों के शवों के दफनाया गया है।

भारतीय टीम शवों के अवशेषों की DNA जांच कर रही है। ताकि शव परिजनों को सौंपे जा सकें।

(Bureau Chief, Korba)






