नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए, UDAN 2.0 योजना को मंजूरी, 100 एयरपोर्ट बनेंगे; इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी IVFRT योजना 5 साल के लिए बढ़ी

              नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें 2030-35 के नए पर्यावरण लक्ष्य तय करना, मोडिफाइड UDAN योजना को मंजूरी और इमिग्रेशन सिस्टम के आधुनिकीकरण के लिए IVFRT 3.0 योजना शामिल हैं।

              केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कैबिनेट ने मोडिफाइड रीजनल एयर कनेक्टिविटी योजना UDAN 2.0 को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। इस पर 28,840 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

              कैबिनेट ने इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिक ट्रैकिंग से जुड़ी IVFRT 3.0 योजना को 31 मार्च 2031 तक 5 साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसके लिए ₹1,800 करोड़ का बजट रखा गया है, जिसका इस्तेमाल इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर AI टूल्स, आइरिस स्कैनिंग (आंखों की स्कैनिंग) और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए इस्तेमाल होगा।

              UDAN 2.0 योजना- टियर-2 और टियर-3 शहरों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी

              केंद्र के मुताबिक, 100 नए एयरपोर्ट्स बनाने के लिए सरकार उन एयरस्ट्रिप्स का इस्तेमाल करेगी जो अब तक इस्तेमाल में नहीं है। हर एयरपोर्ट पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए 12,159 करोड़ रुपये का अलग से बजट रखा गया है।

              इसके अलावा हिमालयी राज्यों, नॉर्थ-ईस्ट और द्वीपों के लिए 200 नए हेलीपैड्स बनाए जाएंगे। इसके लिए 3,661 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, ताकि पहाड़ी, दुर्गम इलाकों में भी अच्छी कनेक्टिविटी हो।

              IVFRT 3.0 योजना- सेल्फ-सर्विस कियोस्क जैसी तकनीक डेवलप होंगी

              सरकार ने बताया कि IVFRT प्लेटफॉर्म इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन को आपस में जोड़कर व्यवस्थित करेगा। यह सुरक्षित और एकीकृत सेवा ढांचे के तहत इन सेवाओं को आधुनिक बनाएगा।

              योजना के तहत मोबाइल आधारित सेवाएं और सेल्फ-सर्विस कियोस्क जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। देशभर के इमिग्रेशन पोस्ट, FRROs और डेटा सेंटर का विस्तार और अपग्रेड किया जाएगा। इससे एक मजबूत और स्केलेबल सिस्टम तैयार किया जाएगा।

              अश्विनी वैष्णव बोले- उत्सर्जन तीव्रता में 36% कमी हासिल की

              अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत ने GDP के मुकाबले उत्सर्जन तीव्रता (एमिशन इंटेंसिटी) में 36% की कमी हासिल कर ली है। 2030 का एक लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया गया और 2026 में उसे पार भी कर लिया गया।

              केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पहले क्योटो प्रोटोकॉल लागू था, लेकिन पेरिस समिट के बाद एक नया वैश्विक ढांचा बना, जिसमें हर देश को अपनी परिस्थितियों के अनुसार लक्ष्य तय करने को कहा गया। वर्तमान लक्ष्य 2025-2030 के लिए हैं और अब कैबिनेट ने 2030–2035 के लक्ष्यों को भी मंजूरी दे दी है।

              18 मार्च- 100 इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भव्य योजना को मंजूरी

              इससे पहले केंद्र सरकार ने 18 मार्च को कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘BHAVYA’ (भारत औद्योगिक विकास योजना) को मंजूरी दी थी। 33,660 करोड़ रुपए लागत वाली इस योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।

              केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि योजना के तहत बनने वाले इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योगों के लिए जमीन, बिजली, पनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी।

              सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में निवेश बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।


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