नई दिल्ली: सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ-सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट्स-एप ब्लॉक किए, इनमें स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म भी शामिल; अब तक 8400 प्लेटफॉर्म बंद

              नई दिल्ली: सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स-एप्स को ब्लॉक किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं।

              सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े थे। इनके जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

              ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह कदम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

              ऑनलाइन गेमिंग बिल के बारे में जानें…

              प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया जाएगा। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना और 1 अक्टूबर से लागू किया गया।

              ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

              • रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।
              • सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
              • रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।
              • ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिले।

              ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से थी

              भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं।

              इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करीब 20 हजार रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है।


                              Hot this week

                              रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका से रक्षा महाविद्यालय नई दिल्ली के अध्ययन दल ने की सौजन्य भेंट

                              राज्यपाल डेका ने रक्षा विशेषज्ञों को छत्तीसगढ़ की विशेषताओं...

                              रायपुर : मगरमच्छ संरक्षण से बदली कोटमीसोनार की तस्वीर

                              पर्यटन और रोजगार को मिला बढ़ावारायपुर (BCC NEWS 24):...

                              Related Articles

                              Popular Categories