नई दिल्ली: सरकार ने उन सभी मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बताया है जिनमें गैस सिलेंडर बुक करने के नियमों में बदलाव की बात कही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) वाले उपभोक्ता अब 45 दिन और नॉन-PMUY उपभोक्ता दूसरा सिलेंडर 35 दिन बाद ही बुक करा सकेंगे।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि ऐसा कोई बदलाव नहीं किया गया है। रीफिल बुकिंग के पुराने नियम ही लागू रहेंगे और उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। यानी एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरे सिलेंडर की बुकिंग शहरों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही कर सकेंगे।

कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर ज्यादा दबाव
14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के मुकाबले 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई पर कहीं ज्यादा दबाव है। 22 मार्च को केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कॉमर्शियल LPG के कोटे में 20% की अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी।
इसके साथ ही अब कुल आवंटन बढ़कर 50% हो गया है। हालांकि, डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि इस फैसले का जमीन पर असर दिखने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग न करें
मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अफवाहों की वजह से कुछ जगहों पर ‘पैनिक बुकिंग’ (घबराहट में खरीदारी) देखी गई थी, जिसे ऑयल कंपनियों और सरकार ने कंट्रोल किया है। देशवासियों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।
LPG संकट को लेकर अब तक सरकार ने ये कदम उठाए
6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड शुरू किया गया (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)।
9 मार्च: डिमांड बढ़ने पर शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया।
12 मार्च: ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया।
14 मार्च: पेट्रोलियम मंत्रालय ने PNG (पाइप गैस) यूजर्स के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी घोषित किया। अब PNG कनेक्शन वालों को अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा और वे रिफिलिंग नहीं करा पाएंगे।
हॉर्मुज रूट पर टैक्स देने की बात भी अफवाह
सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को सरकार ने ‘निराधार’ बताया है जिनमें दावा किया गया था कि भारत हॉर्मुज रूट पार करने के लिए कोई ‘वॉर मनी’ या टैक्स दे रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि यह एक इंटरनेशनल जलमार्ग है और इंटरनेशनल नियमों के मुताबिक यहां नेविगेशन पूरी तरह फ्री है। कोई भी देश इस पर कोई लेवी या फीस नहीं लगा सकता।
‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ की सुरक्षित वापसी
शिपिंग मंत्रालय के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने ब्रीफिंग में बताया कि पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में कोई अप्रिय समुद्री घटना नहीं हुई है। होर्मूज रूट पार कर दो टैंकर 92,700 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की ओर रवाना हो गए हैं।
- पाइन गैस: इसमें 45,000 टन LPG है। यह 27 मार्च की सुबह न्यू मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा।
- जग वसंत: इसमें 47,600 टन LPG लोड है। यह 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा।
खाड़ी क्षेत्र में अभी भी 20 भारतीय जहाज और 540 नाविक मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए भारतीय मिशन और डीजी शिपिंग से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं।
पिछले 3 जहाज कब-कब भारत पहुंचे…
18 मार्च: जग लाडकी टैंकर 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया

यह तस्वीर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर जग लाडकी शिप की है।
17 मार्च: नंदा देवी जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा

नंदा देवी जहाज भी गुजरात के पोर्ट आया था।
16 मार्च: शिवालिक जहाज 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात आया था

शिवालिक पहला जहाज था जो जंग के हालातों में भारत आया था।

(Bureau Chief, Korba)




