Friday, February 20, 2026

              पाकिस्तान: रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा- मुनीर मेरे बॉस नहीं, सेना अब सरकार नहीं चलाती; इतिहास में दखल था, अब सिस्टम अलग है

              इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर उनके बॉस नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि उनके बॉस प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हैं।

              फ्रांस 24 इंग्लिश को दिए इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि क्या आसिम मुनीर ही पाकिस्तान की सरकार चला रहे हैं। उन्होंने माना कि अतीत में सेना ने सीधे शासन संभाला था।

              जब उनसे पूछा गया कि क्या आज भी सेना पाकिस्तान को नियंत्रित कर रही है, तो उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं है। ख्वाजा आसिफ ने कहा,

              पाकिस्तान का एक सिस्टम है। हमारे इतिहास में ऐसे दौर रहे हैं, जब सेना का सरकार पर नियंत्रण रहा। एक समय ऐसा भी था जब सेना ने दखल देकर सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी।

              उन्होंने कहा कि इस समय पाकिस्तान अफगानिस्तान से खतरे, आतंकवाद, भारत के साथ तनाव और कमजोर अर्थव्यवस्था जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे हालात में पाकिस्तानी सेना सरकार का समर्थन कर रही है।

              ख्वाजा आसिफ म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी गए थे। इस दौरान उन्होंने फ्रांस 24 को इंटरव्यू दिया।

              ख्वाजा आसिफ म्यूनिख सिक्योरिटी काउंसिल में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी गए थे। इस दौरान उन्होंने फ्रांस 24 को इंटरव्यू दिया।

              भारत-अफगानिस्तान पर प्रॉक्सी वॉर चलाने का आरोप लगाया

              ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ छिपकर लड़ाई (प्रॉक्सी वार) कर रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और काबुल की सोच एक जैसी है।

              आसिफ ने कहा जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान अफगानिस्तान में दोबारा कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अफगानिस्तान की ओर से शांति की कोई ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां नए हमले करने से पीछे नहीं हटेगा।

              आसिफ ने यह भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की संभावना अभी भी खत्म नहीं हुई है।

              आतंकी हमलों के लिए काबुल को जिम्मेदार ठहराया

              इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद में हाल ही में हुए बम धमाके का जिक्र करते हुए आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान में लगभग सभी बड़े आतंकी संगठनों की मौजूदगी है।

              उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद रोकने में काबुल सरकार गंभीर नहीं है। उनके मुताबिक इसे सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत कहना ज्यादा सही होगा।

              6 फरवरी को नमाज के दौरान हुए इस आत्मघाती हमले में 31 लोगों की मौत हो गई और 169 लोग घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है।

              पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 6 फरवरी को जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ था।

              पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 6 फरवरी को जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ था।

              ‘इजराइल से रिश्ते सामान्य करने का सवाल ही नहीं’

              आसिफ ने कहा है कि फिलिस्तीनियों को उनका हक मिले बिना इजराइल से रिश्ते सामान्य करने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान अभी इस विकल्प पर विचार भी नहीं कर रहा है।

              गाजा में संभावित अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उनसे सवाल किया गया। इस पर आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान की भागीदारी इस बात पर निर्भर करेगी कि उस शांति बल के लिए किस तरह की शर्तें तय की जाती हैं।

              उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में काम करने का लंबा अनुभव है। अगर हालात और शर्तें ठीक रहीं, तो गाजा में शामिल होना दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का एक अच्छा मौका हो सकता है।

              पहले कहा था- सरकार और सेना मिलकर देश चलाते हैं

              ख्वाजा आसिफ ने इससे पहले पिछले साल दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान में सरकार और सेना मिलकर देश चलाते हैं। आसिफ ने कहा था कि पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल से चलाया जा रहा है।

              आसिफ पहले भी कई बार हाइब्रिड मॉडल की तारीफ कर चुके हैं। अरब न्यूज को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान का पॉलिटिकल सिस्टम आदर्श लोकतंत्र नहीं, लेकिन जरूरी है।

              उन्होंने कहा था कि यह मॉडल पाकिस्तान की आर्थिक और शासन की समस्याओं को हल करने में ‘कमाल’ कर रहा है।

              आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे ताकतवर

              आसिम मुनीर पाकिस्तान में सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं। उन्हें सरकार ने 4 दिसंबर 2025 को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) और चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) नियुक्त किया था। दोनों पदों पर उनका कार्यकाल पांच साल का होगा।

              मुनीर पाकिस्तान के पहले सैन्य अधिकारी हैं जो एकसाथ CDF और COAS दोनों पद संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नियुक्ति की सिफारिश करते हुए राष्ट्रपति को समरी भेजी थी। मुनीर को इसी साल फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था।

              पाकिस्तानी संसद ने 12 नवंबर को सेना की ताकत बढ़ाने वाला 27वां संवैधानिक संशोधन पास किया था। इसके तहत मुनीर को CDF बनाया गया। इस पद के मिलते ही उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की कमान भी मिल गई यानी वे देश के सबसे ताकतवर शख्स बन गए हैं।

              दरअसल 29 नवंबर 2022 को जनरल आसिम मुनीर को सेना प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका मूल कार्यकाल तीन साल का था, यानी 28 नवंबर 2025 को खत्म हो गया।


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