पाकिस्तान: PM शहबाज शरीफ का दावा- भारत से संघर्ष के बाद हमारे फाइटर-जेट्स डिमांड में, कहा- 6 मुस्लिम देशों को JF-17 बेचने की बात चल रही, इसमें बांग्लादेश भी

              इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ का दावा है कि भारत के साथ पिछले साल मई में हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों की डिमांड बढ़ गई है।

              रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, उन्होंने बुधवार को कहा किया कि कई देश पाकिस्तानी फाइटर जेट्स खरीदने के लिए बातचीत कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन फाइटर जेट्स की डिमांड बढ़ी है।

              हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कई देश पाकिस्तान JF-17 थंडर फाइटर जेट्स खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें बांग्लादेश, सूडान, लीबिया, सऊदी अरब, इराक और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं।

              इंडोनेशिया, बांग्लादेश और सऊदी अरब से डील कर रहा पाकिस्तान

              रॉयटर्स के मुताबिक, इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री ने 12 जनवरी को पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात की और करीब 40 JF-17 खरीदने पर बात की।

              वहीं बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार के मुताबिक, पाकिस्तान, बांग्लादेश को भी JF-17 फाइटर जेट बेचेगा। इसको लेकर दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों के बीच बातचीत हो चुकी है।

              इसी तरह रॉयटर्स की रिपोर्ट मे दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने 7 जनवरी को सऊदी अरब को JF-17 बेचने को लेकर बात की है। पाकिस्तान सऊदी अरब से मिले 2 अरब डॉलर के लोन के बदले यह सौदा कर रहा है।

              हालांकि, रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि पाकिस्तानी सेना ने अभी तक लीबिया या सऊदी अरब के साथ इस समझौतों को लेकर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है। बांग्लादेश ने भी अभी तक पाकिस्तान के साथ किसी कॉन्ट्रैक्ट पर साइन नहीं किए हैं।

              नाइजीरिया, म्यांमार और अजरबैजान के पास पहले से JF-17 मौजूद

              रॉयटर्स की 9 जनवरी को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 सालों में कई देशों ने पाकिस्तान का JF-17 थंडर फाइटर जेट खरीदने की इच्छा जताई है। नाइजीरिया, म्यांमार और अजरबैजान के मिलिट्री बेड़े में पहले से ही यह जेट शामिल है।

              अल-जजीरा के मुताबिक, इसके पहले पाकिस्तान ने दिसंबर 2025 में लीबिया के विद्रोही गुट, लीबियाई नेशनल आर्मी (LNA) को 4 अरब डॉलर में एक दर्जन से ज्यादा JF-17 फाइटर जेट बेचने का सौदा किया था। ये पाकिस्तान के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी हथियारों की डील कही जा रही है।

              रॉयटर्स की रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान सुडान के साथ भी 12,500 करोड़ रूपए की डिफेंस डील करने वाला है, जिसमें JF-17 फाइटर जेट भी शामिल हैं।

              JF-17 फाइटर जेट का इंजन रूस में बना

              पाकिस्तान सरकार के मुताबिक, JF-17 थंडर एक मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसे पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर जून 2007 में तैयार किया था। इसका डिजाइन और टेक्नोलॉजी चीन की चेंगड़ू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (CAC) ने तैयार किया है और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) ने इसकी फाइनल एसेंबलिंग की है।

              खास बात ये है कि इसका इंजन रूस में बना है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय चीन और पाकिस्तान के पास आधुनिक फाइटर-जेट इंजन उपलब्ध नहीं था।

              JF-17 फाइटर जेट के निर्माण में लगभग 58% हिस्सा पाकिस्तान और 42% हिस्सा चीन का है। वहीं इसमें लगा क्लिमोव RD-93 इंजन और नए ब्लॉक 3 में लगा RD-93 MA इंजन रूस में बना है। रूस ये इंजन चीन के जरिए पाकिस्तान को मुहैया कराता है।

              JF-17 मेंटेनेंस के लिए चीन पर निर्भर

              ग्लोबल डिफेंस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का JF-17 मेंटेनेंस और स्पेयर पार्ट्स के लिए चीन पर निर्भर है। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इसमें लगने वाले रूसी इंजन की सप्लाई पर भी असर पड़ा है। ये स्टेल्थ फाइटर नहीं है। यानी दुश्मन देश के रडार सिस्टम को चकमा नहीं दे पाता और निशाना बन जाता है। इसके अलावा भी JF-17 फाइटर जेट में कुछ खामियां हैं-

              • कम पावर वाला इंजन – विमान में एक ही RD-93 इंजन होने की वजह से इसका थ्रस्ट कम है, जिससे भारी हथियार ले जाते समय स्पीड कम हो जाती है।
              • ज्यादा हथियार नहीं ले जा सकता – JF-17 लगभग 3.6 टन हथियार ही ले जा सकता है। यानी ज्यादा हथियार ले जाना हो, तो फ्यूल कम करना पड़ता है।
              • एवियोनिक्स सिस्टम कमजोर – एवियोनिक्स विमान के वह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं जो उसे उड़ाने, रास्ता तय करने और युद्ध लड़ने में मदद करते हैं। JF-17 का एवियोनिक्स सिस्टम आउटडेटेड माना जाता है, जिससे इसे नेविगेशन और कम्युनिकेशन करने के साथ-साथ हथियारों को कंट्रोल करने में परेशानी होती है।
              • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम सामान्य – इसका जैमिंग और सेंसर सिस्टम की खतरे को पहचानने और विमान की सुरक्षा करने में क्षमता सीमित है।

              पाकिस्तान के JF-17 फाइटर जेट की डिमांड क्यों बढ़ रही

              JF-17 थंडर एक 4.5 पीढ़ी का का लाइट-वेट मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है, जिसकी तुलना भारत के तेजस विमान और अमेरिका के F-16 और रूस के MiG-29 से की जाती है। इन तीनों की तुलना में JF-17 सबसे सस्ता माना जाता है।

              भारत का तेजस पाकिस्तानी JF-17 से बेहतर

              भारतीय वायुसेना का अभिन्न अंग कहे जाने वाला तेजस फाइटर जेट पाकिस्तान के JF-17 से कई मायनों में बेहतर है। तेजस में आधुनिक AESA रडार, बेहतर सेंसर-फ्यूजन और डिजिटल कॉकपिट है, जिससे लक्ष्य पहचान और हमला अधिक सटीक होता है।

              तेजस का इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम भी JF-17 से बेहतर है। तेजस में बड़ी मात्रा में ऐसे मटेरियल इस्तेमाल हुए हैं, जिससे इसका वजन और रडार सिग्नेचर कम है।

              भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान JF-17 फाइटर जेट मार गिराए थे

              जियो न्यूज को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि भारत के साथ मई 2025 में हुई झड़प के दौरान पाकिस्तान ने दुनिया के सामने अपनी सैन्य क्षमता दिखाई थी।

              वहीं पाकिस्तान के वायु सेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने भी अगस्त 2025 में दिए एक बयान में JF-17 की मदद से भारतीय जेट्स गिराने का दावा किया था।

              हालांकि, भारतीय वायु सेना चीफ अमर प्रीत सिंह ने 8 अक्टूबर 2025 को एक कार्यक्रम में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर कई ठिकानों को तबाह किया और कुल 5 पाकिस्तानी फाइटर जेट्स गिराए, जिनमें JF-17 भी शामिल थे।


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