Sunday, February 8, 2026

            रायपुर : बलौदाबाजार जिला प्रशासन तीन नाबालिगों की शादी रोकी परिजनों को दी गई समझाइश

            रायपुर: जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा की त्वरित कार्रवाई से बाल विवाह के तीन मामलों को रोका गया। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टी. जाटवर और जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रकाश दास के नेतृत्व में गठित टीम ने पलारी विकासखंड के ग्राम ओडान, मुडपार और कोसमंदी में कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिगों की शादियाँ रोकीं। इस टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई, एकीकृत बाल विकास परियोजना पलारी और पुलिस विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी नाबालिग बच्चों की शादी होने की सूचना मिले, तो तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

            प्राप्त जानकारी के अनुसार पलारी विकासखंड के ग्राम ओडान में 19 वर्षीय लड़के का विवाह होने वाला था, जिसे समय रहते रोका गया। मुडपार में 20 वर्षीय नाबालिग लड़के की शादी प्रशासन ने रुकवाई। वहीं, ग्राम कोसमंदी में 17 वर्ष 9 माह की एक लड़की की शादी रोकी गई, जो वैधानिक विवाह की न्यूनतम उम्र से कम थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने बच्चों और उनके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी। टीम ने बताया कि लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह करना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में माता-पिता को घोषणा पत्र एवं राजीनामा पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें उन्होंने नाबालिग अवस्था में विवाह न कराने का वचन दिया। इस कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी दीपक राय, सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज, आउटरीच वर्कर प्रभा जांगड़े, सुपरवाइजर स्वाति जायसवाल, चाइल्ड हेल्पलाइन से मीरा साहू और थाना पलारी की पुलिस टीम मौजूद थी।


                          Hot this week

                          Related Articles

                          Popular Categories