छत्तीसगढ़ : रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छोड़ी विधायकी, रमन सिंह को सौंपा इस्तीफा, फिलहाल मंत्री बने रहेंगे

              रायपुर: छत्तीसगढ़ के सबसे वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस्तीफा दे दिया है। वो प्रदेश में 8 बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। लोकसभा चुनाव में बृजमोहन को भाजपा ने सांसद का चुनाव लड़ाया। वो जीत चुके हैं। नियमों के तहत वो एक ही पद पर रह सकते हैं। इसी वजह से इस्तीफा दे दिया है।

              24 जून से संसद के नए सत्र में शामिल होने बृजमोहन अग्रवाल दिल्ली जाएंगे। इससे पहले मीडिया से इस्तीफे को लेकर बृजमोहन ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व में सांसद का चुनाव लड़वाया है, तो सोच समझकर लड़ाया होगा। मुख्यमंत्री के अधिकारों में है कि वह वो 6 महीने तक मंत्री रख सकते हैं। यह कहकर बृजमोहन ने मंत्री पद पर बने रहने की अपनी इच्छा जता दी है।

              बृजमोहन अग्रवाल करीब 40 साल से रायपुर दक्षिण से विधायक थे। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और रमन सरकार में भी मंत्री रह चुके थे।

              बृजमोहन अग्रवाल करीब 40 साल से रायपुर दक्षिण से विधायक थे। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और रमन सरकार में भी मंत्री रह चुके थे।

              बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद रायपुर दक्षिण की सीट खाली हो गई है। अब यहां जल्द ही चुनाव की घोषणा की जाएगी।

              बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफा देने के बाद रायपुर दक्षिण की सीट खाली हो गई है। अब यहां जल्द ही चुनाव की घोषणा की जाएगी।

              बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इसमें लिखा है कि सांसद निर्वाचन होने के बाद विधायक का पद छोड़ रहे हैं।

              बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इसमें लिखा है कि सांसद निर्वाचन होने के बाद विधायक का पद छोड़ रहे हैं।

              डहरिया ने दिया कांग्रेस में आने का ऑफर

              सांसद बृजमोहन अग्रवाल को पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कांग्रेस में आने का ऑफर दिया है। शिव डहरिया ने कहा कि, बीजेपी में सिर-फुटोव्वल की स्थिति बनी हुई है। बीजेपी में उनकी उपेक्षा की है, वो चाहें हमारी पार्टी में आ जाएं। अगर बृजमोहन मिलेंगे तो उनसे जरूर चर्चा करेंगे। वो जो चाहे वो मिलेगा।

              रायपुर दक्षिण सीट खाली

              इस्तीफा देने के बाद रायपुर दक्षिण सीट खाली हो गई है। चर्चा है कि प्रदेश में साल के अंत में नगरीय निकाय के साथ-साथ विधानसभा उप चुनाव भी हो सकते हैं। ऐसे में अभी से ही बड़ी संख्या में बीजेपी-कांग्रेस के नेता अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं।

              छत्तीसगढ़ बनने के बाद से ही रायपुर दक्षिण में बृजमोहन अग्रवाल का एकछत्र राज रहा है। उनके रहते यहां से किसी और को कभी भाजपा से टिकट मिला ही नहीं। पहली बार उनके सांसद बनने के कारण अब दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। 


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