रायपुर : 358.88 लाख रूपए की लागत से केलो परियोजना में कराया जाएगा नहर लाइनिंग कार्य

            सिंचाई व्यवस्था होगी सुदृढ़, क्षेत्र के किसानों को मिलेगा लाभ

            रायपुर (BCC NEWS 24): रायगढ़ जिले की जीवनदायिनी केलो वृहद सिंचाई परियोजना आज जिले के कृषि आधारित विकास, जल सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि की मजबूत रीढ़ के रूप में स्थापित हो चुकी है। रायगढ़ जिले के विकासखण्ड पुसौर अंतर्गत केलो परियोजना के तेलीपारा (तेलीपाली) वितरक नहर के आरडी 6000 मीटर से 11700 मीटर तक सीमेंट कांक्रीट लाइनिंग कार्य हेतु 358.88 लाख (रूपये तीन करोड़ अट्ठावन लाख अट्ठासी हजार रुपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस कार्य के पूर्ण होने पर योजना के अंतर्गत निर्धारित 2652.27 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वर्तमान में हो रही 2544.07 हेक्टेयर की कमी की पूर्ति करते हुए पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में प्रभावी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों को पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

            राज्य शासन ने निर्देशित किया है कि कार्य स्वीकृत राशि एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूर्ण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लागत वृद्धि स्वीकार्य नहीं होगी। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा तथा सभी शासकीय नियमों एवं प्रक्रियाओं का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा। निर्माण कार्य की ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन, कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि की उपलब्धता तथा निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाए रखना आवश्यक होगा।

            नहर लाइनिंग कार्य में मितव्ययिता, उच्च गुणवत्ता एवं वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निविदा दर 10 प्रतिशत से अधिक प्राप्त होती है अथवा कार्य की मात्रा में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि होती है या अतिरिक्त दायित्व उत्पन्न होता है, तो पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। अनुबंधानुसार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा तथा विलंब की स्थिति में नियमानुसार अर्थदंड अधिरोपित किया जाएगा। अनावश्यक समय-वृद्धि नहीं दी जाएगी और केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमति दी जा सकेगी।

            राज्य शासन द्वारा मुख्य अभियंता को कार्य की सतत निगरानी एवं छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के प्रावधानों के अनुरूप वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। साथ ही योजना के तकनीकी पहलुओं, कार्य की गुणवत्ता, प्राक्कलन की सटीकता एवं समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यह कार्य लोकहित की मूल भावना के अनुरूप प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो सके और क्षेत्र के किसानों को अधिकतम लाभ प्राप्त हो।


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