रायपुर : हर घर दस्तक : धमतरी में पल्स पोलियो अभियान के दूसरे दिन स्वास्थ्य कर्मियों ने खटखटाए 1.29 लाख घरों के दरवाजे

           दूसरे दिन सुदूर अंचलों, ईंट-भट्टों और झुग्गियों में पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी, 5 हजार 6 बच्चों को पिलाई दो बूंद जिंदगी की 

          रायपुर (BCC NEWS 24): देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के संकल्प के साथ धमतरी जिले में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान पूरी शिद्दत से चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैद टीमों ने श्हर घर दस्तकश् रणनीति के तहत जिले के चप्पे-चप्पे को छाना। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को सुरक्षा चक्र प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य कर्मी न केवल शहरी गलियों और ग्रामीण पगडंडियों पर पहुंचे, बल्कि ईंट-भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और सुदूर निर्माण स्थलों तक भी अपनी पहुंच बनाई। 

          1.29 लाख से अधिक घरों का सघन भ्रमण

          इस सघन प्रयास के तहत आज कुल 5,006 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।1.29 लाख से अधिक घरों का सघन भ्रमणअभियान की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दूसरे दिन टीमों ने जिले भर में 1 लाख 29 हजार से अधिक घरों का सघन दौरा किया। नगरी विकासखंड (सर्वाधिक)    36,254 घर, कुरूद    26,225 घर, धमतरी शहर 25,612 घर, मगरलोड 22,355 घर और गुज़रा विकासखंड में 19,335 घरों का सघन दौरा कर बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई। मैदानी अमले ने यह पूरी तरह सुनिश्चित किया कि कोई भी पात्र बच्चा इस राष्ट्रीय सुरक्षा कवच से वंचित न रहने पाए।

          जमीनी कार्यकर्ताओं की मुस्तैदी और हाई-रिस्क क्षेत्रों पर फोकस

          मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMO) ने बताया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए विभाग के आला अधिकारियों से लेकर मैदानी स्तर पर मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि पूरी ऊर्जा के साथ जुटे हुए हैं। विशेष रूप से ईंट-भट्टों और मलिन बस्तियों जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि प्रवासी और श्रमिक परिवारों के बच्चों तक भी यह दवा अनिवार्य रूप से पहुंच सके। 

          अभिभावकों से भावुक अपील

          स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा है कि बच्चों का नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है, लेकिन पल्स पोलियो की यह खुराक बच्चों को इस गंभीर व अपंग बना देने वाली बीमारी से उम्र भर सुरक्षित रखने के लिए एक अनिवार्य सुरक्षा कवच है। यदि किसी कारणवश कोई बच्चा दवा पीने से छूट गया है, तो माता-पिता तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मितानिन-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से संपर्क कर अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को यह खुराक जरूर दिलवाएं।



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