रायपुर : कोपरा जलाशय-स्थानीय समुदाय और महिला समूहों के सहयोग से बनेगा आदर्श इको-टूरिज्म स्पॉट

          रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला स्थित कोपरा जलाशय रामसर स्थल के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह राज्य की पहली रामसर साइट है, जिसे स्थानीय समुदायों, वन विभाग और विशेषज्ञों के समन्वय से विकसित किया जा रहा है, ताकि जैव विविधता व आजीविका सुनिश्चित रहे। छत्तीसगढ़ के कोपरा जलाशय को रामसर स्थल का दर्जा मिलने के बाद, इसके अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए अब इसके संरक्षण और सतत विकास के लिए जनभागीदारी का मॉडल तैयार किया गया है। राज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अधिकारियों, स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूहों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में जलाशय की सुरक्षा और विकास की एक व्यापक कार्ययोजना पर सहमति बनी है।

          प्रमुख कार्ययोजना और निर्णय

          स्वच्छता एवं प्लास्टिक मुक्ति विकास के प्रथम चरण में कोपरा जलाशय को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी और नियमित स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। निगरानी तंत्र का सुदृढ़ीकरण आर्द्रभूमि (Wetland) की पारिस्थितिकी और जल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। प्राकृतिक वनस्पतियों और दुर्लभ जीव-जंतुओं के संरक्षण के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

          स्थानीय रोजगार के नए द्वार और पर्यटन

          अधिकारियों के अनुसार, कोपरा जलाशय में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। कोपरा जलाशय के विकास से स्थानीय स्तर पर बर्ड वाचिंग और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिल रहा है, जो ग्रामीण आजीविका के नए साधन बना रहे हैं।

          युवाओं और महिलाओं की भागीदारी

          इस अभियान को गति देने के लिए स्थानीय युवाओं को “वेटलैंड मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। महिला स्व-सहायता समूहों ने न केवल स्वच्छता की जिम्मेदारी ली है, बल्कि उन्होंने गांव स्तर पर पर्यावरण जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी प्रस्ताव दिया है। स्कूलों में भी पर्यावरण शिक्षा के माध्यम से बच्चों को इस धरोहर के प्रति जागरूक किया जाएगा।

          समन्वित प्रयास

          राज्य वेटलैंड प्राधिकरण द्वारा इस परियोजना के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जो पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम होगी।



                    Hot this week

                    रायपुर : एंटी करप्शन ब्यूरो में मामला दर्ज होने पर एक आबकारी उप निरीक्षक निलंबित

                    ओवररेट मामले में दो आबकारी उपनिरीक्षकों को शो-काज नोटिस...

                    Related Articles

                    Popular Categories