रायपुर : मंत्री केदार कश्यप ने नवीन एसओआर का किया विमोचन

              • निर्माण कार्यों में आएगी तेजी व पारदर्शिता

              रायपुर (BCC NEWS 24): जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित नया सर्किट हाउस में नवीन दर अनुसूची-2025 (एसओआर) का विमोचन किया। मंत्री श्री कश्यप ने नवीन एसओआर से जल संसाधन विभाग की सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण में गति और पारदर्शिता आएगी और छत्तीसगढ़ राज्य जल प्रबंधन के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करेगा। इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके सहित समस्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं विभागीय अभियंतागण उपस्थित थे। यह नवीन दर अनुसूची (एसओआर) 1 मई 2025 से प्रभावशील होगी।

              मंत्री श्री केदार कश्यप ने नवीन एसओआर का किया विमोचन

              यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में जल संसाधन विभाग द्वारा 15 वर्षों के पश्चात एसओआर को निर्माण लागत, श्रमिक मजदूरी, सामग्री एवं मशीनरी के बढ़े हुए दरों को ध्यान में रखते हुए अद्यतन किया गया है। मंत्री श्री कश्यप ने इस अवसर पर नवीन अनुसूची तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान देेने वाले जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

              एस.ओ.आर. 2025 में दरों का निर्धारण मानक डेटा इकाई विश्लेषण पद्धति के आधार पर किया गया है, जैसा कि अन्य राज्यों जैसे मध्यप्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा में प्रचलन में है। दर विश्लेषण में सामग्री, श्रम, मशीनरी, उपकरणों की लागत, ठेकेदार लाभ और श्रम उपकर को शामिल किया गया है। सभी निर्माण सामग्री व कार्य भारतीय मानक (आई एस कोड) और विभागीय निर्देशों के अनुरूप हैं। आधुनिक तकनीकों जैसे रियल टाइम डाटा सिस्टम लिडार सर्वे, जियो-टेक्निकल व जियो-फिजिकल सर्वे को समाहित किया गया है। यह 11 अध्यायों में तैयार किया गया है जो बांध निर्माण, नहर, पाइप नेटवर्क, टनल, टेस्टिंग और रखरखाव कार्यों को कवर करता है। पहले की जटिल टेंडर प्रक्रिया की तुलना में अब अधिकांश वस्तुएं सीधे बीओक्यू में शामिल की जा सकती हैं।

              राज्य के विभिन्न जल संसाधनों में स्वचालित रेनगेज, वॉटर लेवल रिकॉर्डर, गेट सेंसर की स्थापना भी दर अनुसूची में शामिल है। यहां यह उल्लेखनीय है कि 2010 में जारी पिछली दर अनुसूची के बाद अब जाकर यह व्यापक सुधार किया गया है। इस बदलाव से ठेकेदारों की वित्तीय जोखिम में कमी आएगी, साथ ही निर्माण गुणवत्ता में भी सुधार होगा। प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके के नेतृत्व तथा अधीक्षण अभियंता श्री आलोक अग्रवाल के तकनीकी मार्गदर्शन में नवीन एसओआर को तैयार करने में नवनियुक्त सहायक अभियंताओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।


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