रायपुर : नैनो उर्वरकों से बढ़ रही फसलों की उत्पादकता, किसानों को मिल रहे बेहतर परिणाम

              भिंडी, मक्का और धान की खेती में सफल उपयोग से बढ़ा किसानों का भरोसा

              रायपुर (BCC NEWS 24): कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के उपयोग से किसानों को उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में सहायता मिल रही है। नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे उन्नत उर्वरकों का उपयोग प्रदेश के किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इनके प्रयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता के संरक्षण में भी मदद मिल रही है।

              सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम जगदीशपुर निवासी प्रगतिशील किसान श्री प्रभु राम राजवाड़े ने नैनो उर्वरकों के उपयोग से प्राप्त अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि भिंडी, मक्का एवं धान की फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है तथा उत्पादन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

              किसान श्री राजवाड़े के अनुसार नैनो उर्वरकों का उपयोग सरल और सुविधाजनक है। कम मात्रा में उपयोग किए जाने वाले ये उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं तथा छिड़काव के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में उपयोग किए जा सकते हैं। इससे किसानों के समय, श्रम और परिवहन लागत में भी कमी आती है।

              कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि नैनो उर्वरकों का छिड़काव सीधे पौधों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण अधिक प्रभावी ढंग से होता है। परिणामस्वरूप फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है और उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है। इससे उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ खेती की लागत कम करने में भी सहायता मिलती है।

              नैनो उर्वरकों का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि इनके उपयोग से मिट्टी पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग होने से मृदा स्वास्थ्य एवं भूमि की उत्पादक क्षमता को बनाए रखने में मदद मिलती है। यही कारण है कि टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि के लिए नैनो उर्वरकों को एक प्रभावी विकल्प माना जा रहा है।

              राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रशिक्षण, प्रदर्शन एवं तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग और उनके लाभों की जानकारी प्रदान की जा रही है। इससे प्रदेश में अधिक से अधिक किसान उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

              नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग से प्रेरित किसान अब अन्य कृषकों को भी इस तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। उनका मानना है कि वैज्ञानिक खेती और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और भविष्य उन्मुख बनाया जा सकता है।


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