RAIPUR : CSPDCL अग्निकांड के स्पेशल-8, दांव पर लगाई खुद की जान, मौके पर प्लान बनाया, कर्मचारियों संग मिलकर बचाई सैकड़ों जिंदगियां; अब मिलेगा सम्मान

              RAIPUR: रायपुर में CSPDCL के गोदाम में 5 अप्रैल को लगी भीषण आग से करीब 400 करोड़ का नुकसान हुआ है। गोदाम के आसपास रहने वाले लोगों तक भी इसकी आंच पहुंची थी, लेकिन 8 अफसरों की रणनीति और करीब 500 कर्मचारियों के हौसले के आगे नहीं बढ़ सकी। इन अफसरों और कर्मचारियों को अब CM सम्मानित करेंगे।

              अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया होता तो राम नगर और कृष्णा नगर इलाके में सैकड़ों जाने खतरे में जाती। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, ट्रेनिंग ऑपरेशन, फायर ब्रिगेड, नगर सेना के अफसर और बिजली कंपनी व CM सचिव मौके पर पहुंच गए।

              इन अफसरों ने कर्मचारियों के सहयोग से स्थानीय लोगों को समझाकर घर से बाहर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद भी शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे से अगले दिन शनिवार को आग बुझने (सुबह 8 बजे) तक कर्मचारियों का हौसला बढ़ाने ग्राउंड जीरो पर डटे रहे।

              मौके पर आग बुझाने का प्लान बनाया, और इंप्लीमेंट कराया

              मौके पर आग बुझाने का प्लान बनाया और उसका इम्प्लीमेन्ट किया गया। टीम को निर्देश देने के साथ ही उनकी जरूरतों का सामान मुहैया करवाते रहे और आग पर काबू पा लिया।

              कलेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि आग लगने की जानकारी मिलने के बाद तत्काल नगर निगम आयुक्त, रायपुर एसएसपी से चर्चा की और मौके पर पहुंचे। वहां बिजली कंपनी के कर्मचारी और फायर ब्रिगेड आग बुझाने में लगी हुई थी। एडीएम, एसडीएम और जनप्रतिनिधि भी भी पहुंच गए।

              ऐसे में भंडारगृह के आसपास के मकानों को खाली कराने में परेशानी नहीं हुई। आग ऑयल में लगी हुई थी, इसलिए तत्काल रिर्सोस मोबलाइज करवाया। लोग पैनिक ना हो, इसके लिए भी कदम उठाए। सीएम के सचिव भी वहां थे, इसलिए स्टेट से कोऑर्डिनेशन करने में हमे परेशानी नहीं हुई।

              मेन गेट बंद होने से दीवार तोड़कर घुसे

              जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड टीम के सदस्यों ने तेल टैंकरों के ढक्कनों को खोल दिया और बड़ी घटना होने से टल गई। यदि तेल टैंकरों में विस्फोट होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

              SDRF कमांडेंट पुष्पराज सिंह ने बताया, कि भंडारगृह में आग लगने का कॉल दोपहर 1.26 बजे पर आया था। तत्काल हमारी एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पहुंचने के बाद सूचना दी कि ट्रांसफॉर्मर के भंडारगृह में आग लगी हुई है और आग तेल के ड्रमों की तरफ बढ़ रही है।

              पहली टीम ने बैकअप मांगा तो तत्काल 7 गाड़ियां रवाना की और मौके पर पहुंचा। वहां पगाड़ी मुख्य द्वार बंद होने के कारण बाहर खड़ी थी। इस दौरान वहां रायपुर कलेक्टर और बिजली कंपनी के सचिव पी. दयानंद भी पहुंच चुके थे। उन्होंने एक्शन प्लान तैयार किया और संयुक्त टीम ने दीवार को तोड़कर आग बुझानी शुरू की।

              भंडारगृह स्थल पर आग बुझाते फायर-कर्मी, घटनास्थल खाली कराते पुलिस अधिकारी।

              भंडारगृह स्थल पर आग बुझाते फायर-कर्मी, घटनास्थल खाली कराते पुलिस अधिकारी।

              तेज हवा और धुएं ने बढ़ा दी थी चुनौती

              भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से अपनी टीम लेकर पहुंचे डिप्टी ऑफिसर संजय कुमार ने बताया कि आग लगने के बाद तेज हवा और ऑयल से निकलने वाला धुआं हमारे लिए चुनौती था। इसके अलावा ऑयल से भरे ड्रमों में हो रहे विस्फोट भी आग को बढ़ावा दे रहे थे। सबसे पहले आग जिस तरफ बढ़ रही थी, वहां के ड्रमों को हटवाया गया। फिर फोम की मदद से काबू किया।

              रात तीन बजे के बाद फिर लगी थी आग

              आग बुझाने की कोशिश करने में जुटे संयुक्त टीम के सदस्यों के अनुसार रात दो बजे तक अधिकांश आग पर काबू पा लिया गया था। रात 3 बजे भंडारगृह से लगे एक स्टोर में आग लगी दिखी। स्टोर का मेन गेट बंद था, इसलिए जिला प्रशासन के अधिकारी की मौजूदगी में गेट तोड़ा गया। फिर स्टोर में लगी आग को बुझाया गया। भंडारगृह और स्टोर में थोड़ी-थोड़ी देर में आग उठ रही थी, इसलिए लगातार फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों द्वारा पानी का छिड़काव किया जा रहा था।

              35 गाड़ियों की मदद से बुझी थी आग

              संयुक्त टीम के सदस्यों ने बताया कि बिजली कंपनी के भंडारगृह की आग बुझाने के लिए रायपुर, बलौदा बाजार, महासमुंद, एयरपोर्ट, धमतरी, बिलासपुर और दुर्ग से करीब 35 गाड़ियां पहुंची थी। इसके अलावा जल मिशन के टैंकर को फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में पानी रिफिल करने के लिए लगाया गया था।

              भंडारगृह के बाहर जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, ट्रेनिंग आपरेशन, अग्निशमन और नगर सेना, बिजली कंपनी और राज्य शासन से 500 अधिकारी-कर्मचारी पहुंचे थे। ये लोग आग बुझाने के अलावा घटनास्थल पर पहुंची भीड़ को नियंत्रित करने, रूट डायवर्ट करने और स्थानीय लोगों को सुरक्षित ठिकानों में पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।

              इन अफसरों ने किया मिशन को लीड

              • IAS पी. दयानंद
              IAS पी. दयानंद, सीएम विष्णुदेव साय के सचिव और ऊर्जा कंपनी के अध्यक्ष हैं।

              IAS पी. दयानंद, सीएम विष्णुदेव साय के सचिव और ऊर्जा कंपनी के अध्यक्ष हैं।

              भंडारगृह में आग लगने की सूचना के बाद IAS दयानंद घटनास्थल पर दोपहर 1.40 बजे पहुंच गए थे। घटनास्थल में मौजूद रायपुर कलेक्टर, एसएसपी और ट्रेनिंग आपरेशन, अग्निशमन और नगर सेना के डायरेक्टर के साथ मिलकर आग को बुझाने का प्लान बनाया। आग बुझाने में लगने वाले उपकरण आसानी से उपलब्ध हो, इसलिए सभी जिलों के कलेक्टर को दिशा-निर्देश जारी कर रहे थे।

              • IAS गौरव सिंह
              IAS गौरव सिंह रायपुर जिले के कलेक्टर हैं।

              IAS गौरव सिंह रायपुर जिले के कलेक्टर हैं।

              IAS गौरव सिंह को आग लगने की सूचना शुक्रवार दोपहर 1.30 बजे मिली थी। अपनी टीम को निर्देश जारी करके वे भंडारगृह पहुंचे। भंडारगृह पहुंचने से पहले रायपुर एसएसपी, रायपुर निगम आयुक्त से कोऑर्डिनेट किया। आग बुझाने के प्लान ऑफ एक्शन में शामिल हुए और फायर इक्विपमेंट की व्यवस्था कराई। स्थानीय रहवासियों को समझाने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में भूमिका निभाई।

              • IPS संतोष सिंह
              IPS संतोष सिंह रायपुर जिले के SSP हैं।

              IPS संतोष सिंह रायपुर जिले के SSP हैं।

              एसएसपी संतोष सिंह दोपहर 1.40 बजे मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से भीड़ को हटवाया। लॉ एंड आर्डर ना बिगड़े, इसलिए रात 3 बजे तक भंडारगृह के बाहर मौजूद रहे। भंडारगृह के बाहर अस्थाई चौकी भी एसएसपी सिंह के निर्देश पर बनाई गई है।

              • IPS अजातशत्रु बहादुर सिंह
              IPS अजातशत्रु बहादुर सिंह अग्निशमन और नगर सेना के निदेशक हैं।

              IPS अजातशत्रु बहादुर सिंह अग्निशमन और नगर सेना के निदेशक हैं।

              आजाद शत्रु बहादुर सिंह आग लगने की सूचना मिलने के बाद दोपहर 1.45 बजे घटनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने अग्निशमन की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने का कॉर्डिनेशन किया। आग बुझाने के लिए फोम, पानी के इंतजाम का रूट प्लान बनाया। फायर कर्मियों और स्थानीय रहवासियों की सुरक्षा का इंतजाम किया।

              • IPS पुष्पाराज सिंह
              IPS पुष्पराज सिंह SDRF के कमांडेंट हैं।

              IPS पुष्पराज सिंह SDRF के कमांडेंट हैं।

              पुष्पराज सिंह ने बड़ी आग की सूचना पर तत्काल ही बैकअप के लिए 7 अन्य गाड़ियों को रवाना किया और खुद भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कोऑर्डिनेट कर रहे अधिकारियों और फायर कर्मियों के बीच सेतु का काम करते हुए आग को बुझाने का प्रयास किया।

              • ASP लखन पटले
              लखन पटले छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और वर्तमान में रायपुर एएसपी पद पर हैं।

              लखन पटले छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और वर्तमान में रायपुर एएसपी पद पर हैं।

              एसएसपी संतोष सिंह के निर्देश पर एएसपी लखन पटले ने घटनास्थल का रूट क्लियर करने का जिम्मा उठाया था। घटनास्थल पर मौजूद भीड़ को हटाने के लिए उन्होंने अपनी टीम को लगाया। इसके साथ ही स्थानीय रहवासियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का काम किया।

              • ASP ओपी शर्मा
              ओपी शर्मा छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और ASP ट्रैफिक रायपुर के पद पर हैं।

              ओपी शर्मा छत्तीसगढ़ पुलिस सेवा के अधिकारी हैं और ASP ट्रैफिक रायपुर के पद पर हैं।

              आग लगने की सूचना मिलने के बाद एएसपी ओपी शर्मा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे थे।पूरा रास्ता क्लियर कराया और घटनास्थल से आधा किलाेमीटर दूर बैरिकेड्स लगाए। साथ ही लोगों को घटनास्थल तक ना जाने देने की जिम्मेदारी भी इनकी टीम ने संभाली।

              • संजय कुमार, डिप्टी ऑफिसर, बीएसपी प्लांट
              संजय कुमार भिलाई स्टील प्लांट में फायर सेफ्टी के डिप्टी ऑफिसर हैं।

              संजय कुमार भिलाई स्टील प्लांट में फायर सेफ्टी के डिप्टी ऑफिसर हैं।

              आग लगने की सूचना मिलने पर बीएसपी प्लांट के फायर डिपार्टमेंट के डिप्टी ऑफिसर संजय कुमार अपनी टीम लेकर पहुंचे थे। वे शनिवार की रात तक आग बुझाने की मशक्कत करते दिखे। शनिवार की जब आग बुझ गई, तब उनकी टीम वहां से वापस रवाना हुई।


                              Hot this week

                              रायपुर : हरी खाद का उपयोग मिट्टी के लिए जीवनदायिनी संजीवनी से कम नहीं

                              मिट्टी की सांस लौटाएगी हरी खाद- घटती उर्वरता के...

                              रायपुर : पीवीटीजी परिवारों के विकास की नई पहल – मोबाइल ऐप से घर-घर सर्वे शुरू

                              बैगा-बिरहोर बसाहटों में आधारभूत सर्वेक्षण प्रारंभ, योजनाओं से जुड़ेंगे...

                              Related Articles

                              Popular Categories