Monday, June 17, 2024
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भूकंप के झटकों से हिला राजस्थान, घरों से भागे लोग… कुर्सी-सोफे-पंखे हिलने लगे, सड़कों पर भीड़ लगी; देर रात तक दहशत

जयपुर: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से करीब 258 किलोमीटर दूर हिंदू कुश क्षेत्र में रात 10 बजकर 17 मिनट पर आए तेज भूकंप के झटकों राजस्थान समेत उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों की नींद उड़ा दी। 6.6 तीव्रता वाले इस भूकंप से पूरा राजस्थान कांप उठा। जमीन हिलने से घबराए लोग मल्टी स्टोरी बिल्डिंगों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।

मौसम केन्द्र से मिली रिपोर्ट के मुताबिक इस भूकंप का असर भारत के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और गुजरात में रहा। राजस्थान में जयपुर, अलवर, जोधपुर, सीकर, उदयपुर, कोटा समेत सभी जिलों में झटके महसूस हुए।

दिल्ली एनसीआर से लगते भिवाड़ी में लोगों को दो बार बैक-टू-बैक झटके महसूस हुए। यहां पहला झटका रात करीब 10 बजकर 19 मिनट, जबकि दूसरा झटका 10 बजकर 20 मिनट पर महसूस हुआ। लगातार दो बार झटके महसूस होने पर यहां यहां लोग फैक्ट्रियों और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग से बाहर निकल गए।

चूरू में भूकंप के झटके इतने तेज थे कि छत पर लगे पंखे और रसोई में रखे बर्तन तक हिलने लगे थे।

राजस्थान के अधिकांश शहरों में असर

जयपुर, जोधपुर, गंगानगर, चूरू, अलवर, बीकानेर, कोटा, अजमेर, पुष्कर, अनूपगढ़ समेत कई शहरों में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई जिलों में ऊंची बिल्डिंगों में लोगों के फ्लैट व घरों में छत के पंखों के साथ फर्नीचर भी हिलने लग गए।

अचानक फर्नीचर हिलता देख लोग घबराकर तुरंत घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। जयपुर के मानसरोवर, जगतपुरा, मालवीय नगर, सी-स्कीम और चारदीवारी क्षेत्र में लोग डर कर घरों से बाहर निकल आए।

पढ़िए राजस्थान में भूकंप का कहां और कैसा दिखा असर…

कोटा में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग से बाहर आए लोग।

कोटा में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग से बाहर आए लोग।

जयपुर, जोधपुर और सीकर में अचानक हिलने लगे पंखे

प्रदेश में सबसे पहले जयपुर में झटके महसूस किए गए। यहां मालवीय नगर, मानसरोवर, वैशाली और बापू नगर समेत कई कॉलोनियों में भूकंप के झटके महसूस हुए। मल्टी स्टोरी में रहने वाले लोग घरों के बाहर आ गए और एक बार के लिए डर का माहौल हो गया। वहीं जोधपुर के पाल रोड पर देर रात भूकंप से लोग सहम गए। जबकि सीकर के भी कुछ एरिया में भूकंप के झटके करीब 3 से 4 सेकेंड तक महसूस हुए।

फोटो कोटा शहर के स्टेशन रोड स्थित एक कॉलोनी का है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घरों के बाहर आए।

फोटो कोटा शहर के स्टेशन रोड स्थित एक कॉलोनी का है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घरों के बाहर आए।

कोटा: कुर्सी और सोफा हिलने लगे, 12वीं मंजिल से जैसे-तैसे नीचे आए
भूकंप का असर कोटा शहर में भी दिखा। बारां रोड, स्टेशन क्षेत्र व आकाशवाणी कॉलोनी इलाके में रहने वाले लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। शहर के श्रीनाथ ओएसीस में रहने वाली हिमांशी ने बताया कि हम लोग 12वीं मंजिल पर रहते हैं। रात में खाना खाकर बैठे थे।

मैं सोफे पर थी और मेरे पापा कुर्सी पर। अचानक सोफा हिलने लगा। मुझे शुगर है, लगा कि इसकी वजह से चक्कर आ रहे हैं। लेकिन, पापा की तरफ देखा तो उनकी कुर्सी भी हिल रही थी और कुछ देर में पंखा हिलने लगा। हम लोग जैसे-तैसे नीचे आए।

अलवर के मंगलम रेजिडेंसी के बाहर भी लोगों की भीड़ लग गई। डरे-सहमे लोग देर रात तक घरों के बाहर ही रहे।

अलवर के मंगलम रेजिडेंसी के बाहर भी लोगों की भीड़ लग गई। डरे-सहमे लोग देर रात तक घरों के बाहर ही रहे।

घरों में रखे बर्तन हिलने लगे, नींद में सो रहे लोग घरों से बाहर आए

श्री माधोपुर कस्बे के मुख्य बाजार, बस स्टैंड समेत आस-पास के इलाकों में रात 10 बजकर 20 मिनट पर करीब 5 सेकेंड तक भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। इसके बाद लोग घरों के बाहर आए। कस्बे के मनोज मिश्रा ने बताया कि रात को घर में खाना खा रहे थे कि अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए तो परिवार के लोगो को लेकर घर के बाहर निकले।

इसी तरह झुंझुनूं के चिड़ावा में भी करीब 3 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोग भी सहम गए और घरों के चौक या बाहर आ गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि पंखे, दरवाजों की कुंडी आदि जोर जोर से हिलने लगे। अचानक झटके से घरों में सो रहे लोगों की आंखें खुल गई और धरती हिलते देख लोग घबरा भी गए। इसके बाद तो लोग सभी एक दूसरे से भूकंप को लेकर चर्चा करते नजर आए।

पिलानी में भी भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोगों को अपने घरों में बेड, पंखे, खिड़की, दरवाजे, टिन शेड तथा कई अन्य चीजें हिलती हुई महसूस हुई तथा उनकी खड़खड़ाहट और आवाजें भी सुनाई दीं। कस्बे के भगत सिंह सर्किल, मुख्य बाजार, बस स्टैंड, लोहारू रोड, राजगढ़ रोड, चिड़ावा रोड आदि सभी जगह से भूकंप के झटके महसूस किए गए।

लोहारू रोड से अमित मुद्गल ने बताया कि घर पर खाना खाने के बाद रेस्ट करने के लिए बेड पर लेटा ही था, कि तभी जोर से बेड हिलता हुआ महसूस हुआ। कुछ समझ पाते इससे पहले ही खिड़की दरवाजे और किचन से बर्तनों की आवाजें आने लगीं। जैसे ही समझ आया कि भूकंप आया है, फौरन परिवार के साथ घर से बाहर आ गए।

चूरू में भूकंप के झटके आने के बाद मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले मेडिकल स्टूडेंट भी हॉस्टल के बाहर आ गए। मेडिकल कॉलेज के डॉ. नदीम खान ने बताया कि देर रात करीब 10 बजकर 21 मिनट पर वह घर में टीवी देख रहे थे। तभी अचानक कमरे की खिड़कियां व पंखा हिलने लगे। रसोई में रखे बर्तन भी हिलने लगे।

पुष्कर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। लोगों का कहना है करीब सवा दस बजे अचानक घर का सामान हिलने लगा तो दहशत हो गई।

पुष्कर में भी भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। लोगों का कहना है करीब सवा दस बजे अचानक घर का सामान हिलने लगा तो दहशत हो गई।

पुष्कर: होटलों में रुके विदेशी पर्यटक रूम छोड़ आए बाहर

तीर्थ नगरी पुष्कर की होटलों में ठहरे पर्यटक भूकंप के झटके महसूस कर अपनी होटलों से बाहर आ गए। ग्रीस से भारत घूमने आई विदेशी पर्यटक ओली ने बताया कि उसे लगभग 8 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस हुए जिन्हें महसूस करते ही वह अपने होटल से बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि कई देर तक वह कमरे में नहीं गए। लेकिन, कुछ देर बाद स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा लौटे।

भूकंप की जानकारी मिलने के बाद पुष्कर में लोग सड़कों पर आ गए। काफी समय तक सड़क पर लोगों की भीड़ जमा रही।

भूकंप की जानकारी मिलने के बाद पुष्कर में लोग सड़कों पर आ गए। काफी समय तक सड़क पर लोगों की भीड़ जमा रही।

भूकंप का केन्द्र जमीन से 156 किलोमीटर नीचे
मौसम केन्द्र से जारी रिपोर्ट देखे तो भूकंप पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा के पास आया। इसका केन्द्र धरती में करीब 156 किलाेमीटर नीचे था। पहाड़ी एरिया में आए भूकंप इतना तेज था कि इससे न केवल अफगानिस्तान, पाकिस्तान बल्कि चीन और नेपाल के भी कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए। भारत में गुजरात के गांधीधाम, भूज एरिया में भी इन झटकों का असर रहा।

क्यों आता है भूकंप?
भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप की असली वजह टेक्टोनिकल प्लेटों में तेज हलचल होती है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।

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