सूरजपुर: रीपा ने विलुप्त होती कला से रोजगार किया सृजित… 

              • महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर
              • सफलता की कहानी

              सूरजपुर: जिले के केशवनगर ग्राम के आसपास विभिन्न ग्राम पंचायत के महिलाएं जो अपने घरों में सीमित साधनों के साथ जीवन निर्वाह कर रही थी। इनमें कुछ नया कर गुजरने की चाह लिए रोजगार तलाश कर रही थी। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत लीना कोसम के मार्गदर्शन में जिले के केशवनगर ग्राम पंचायत में स्थापित रुरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) में बिहान योजना द्वारा गठित महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा कालीन निर्माण एवं हथकरघा द्वारा कपड़ा बुनाई का कार्य प्रारम्भ किया गया है। गौरतलब है की ग्राम पंचायत में बुनकर जाति के लोगों के संख्या बहुत ज्यादा है। ये लोग पारंपरिक रूप से कपड़े बुनाई का कार्य करते आ रहे थे, किन्तु धीरे धीरे ग्राम में इस कार्य की करने वाले लोगों के संख्या कम होती गयी एवं बुनाई का काम लगभग विलुप्त सा हो गया। ग्राम पंचायत में छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी योजना महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) केंद्र विकसित होने की खबर सुन कर महिलाओं के पुनः बुनाई संबन्धित कार्य किये जाने की इच्छा जताई। उनके रुचि अनुसार कालीन निर्माण एवं हथकरघा द्वारा कपड़ा बुनाई का कार्य प्रारम्भ किया गया है। हस्तशिल्प बोर्ड द्वारा कालीन निर्माण के प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है इस हेतु मैनपाट क्षेत्र से प्रशिक्षित कारीगर द्वारा प्रशिक्षण प्रदाय किया जा रहा है। वही हथकरघा द्वारा कपड़ा बुनाई का प्रशिक्षण जिला हथकरघा कार्यालय जिला सरगुजा के द्वारा प्रदाय किया जा रहा है।महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) अंतर्गत कालीन निर्माण की गतिविधि से 15 कालीन निर्माण गतिविधि अंतर्गत सभी महिलाएं  4×6 और  3×6 आकार का कालीन निर्माण कर रही है, और इनमें  खास बात यह है कि ये सभी महिला विभिन्न वर्ग समुदाय जैसे (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग) व विभिन्न धर्म (हिंदू, मुस्लिम, ईसाई) के हैं और आपस में मिलजुल कर अत्यंत उत्साह के साथ कालीन बुनाई का कार्य कर रहे हैं। जिससे सीधे तौर पर समाज में एकजुट होकर कार्य करने का सकारात्मक संदेश के साथ साथ रीपा योजना से इन्हें हुनर एवं रोजगार के अवसर प्रदान हो रहा है साथ ही ये सभी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होकर आत्मनिर्भर बनने की राह में आगे बढ़ रही है। प्रशिक्षण के दौरान ही महिलाओं द्वारा लगभग 45 हजार रुपए से अधिक मूल्य का कालीन निर्माण पूरा कर लिया गया है और लगातार कालीन निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

              हथकरघा द्वारा कपड़ा बुनाई की गतिविधि में 20 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को तौलिया, चादर, साड़ी जैसे कपड़े बुनाई का कार्य सिखाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 6 माह तक प्रदाय किया जाएगा।  प्रशिक्षण उपरांत हथकरघा विभाग द्वारा ही तैयार सामाग्री बाई बैक किया जाएगा, जिस हेतु महिलाओं की बुनाई के आधार पर भुगतान किया जाएगा। रीपा अंतर्गत विविध प्रकार की गतिविधियों से जुड़ कर ग्रामीणांे को विभिन्न रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे है। केशवनगर ग्राम पंचायत में स्थापित रीपा अंतर्गत पेपर कप निर्माण, प्लास्टिक बोरी निर्माण, प्राकृतिक गोबर पेंट निर्माण, आर.सी.सी. पोल निर्माण, चेन लिंक फेंसिंग तार निर्माण, पेवर ब्लॉक निर्माण, कालीन निर्माण एवं हथकरघा द्वारा कपड़ा निर्माण की गतिविधियां संचालित हैं। उक्त गतिविधियों मे 50 से अधिक लोग जुड़़ कर स्वरोजगार कर रहे है।


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