निजी हॉस्पिटल की मनमानी, महिला की गई जान… जमीन गिरवी रखकर पटाया बिल, और पैसे नहीं होने पर कर दिया सरकारी अस्पताल रेफर

              अंबिकापुर: जिले में एक निजी अस्पताल में लापरवाही का आरोप लगा है। दरअसल, एक हफ्ते पहले पारिवारिक झगड़े से परेशान एक महिला ने फांसी लगा ली थी। जिसे फंदे से उतारकर पति ने अस्पताल में भर्ती कराया था। निजी अस्पताल का बिल पटाने के लिए पति को खेत भी गिरवी रखना पड़ा। गिरवी रखी जमीन से मिले पैसों से उसने अस्पताल का बिल पटाया। इसके बाद भी पत्नी की जान नहीं बच सकी। रुपए खत्म होने पर निजी अस्पताल ने 3 दिन इलाज करने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई।

              पूरा मामला दरिमा थाना इलाके का है जहां 35 साल की प्रमिला नगेशिया कुबेरपुर गांव में रहती थी। उसने 22 जुलाई को पति से किसी बात पर गुस्सा होकर घर में फांसी लगा ली थी। पति ने उसे फंदे से उतारा और इलाज के लिए करजी स्थित एक निजी क्लिनिक में ले गया। यहां के डॉक्टर ने महिला की स्थिति को गंभीर देखते उसे अपने वाहन से शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। भर्ती कराते ही निजी अस्पताल का बिल शुरू हो गया और तीन दिन में ही 60 हजार रुपए वसूल लिए। इसके बाद और रुपए की मांग की जा रही थी।

              जब महिला के पति ने कहा कि 60 हजार रुपए जमा कर चुका हूं और रुपए मेरे पास नहीं है। तो निजी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को बिना इलाज किए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाने की बात कह कर डिस्चार्ज कर दिया। परिजन ने शुक्रवार की रात गंभीर हालत में महिला को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।

              अस्पताल की मनमानी के आगे परिजन को धान लगी हुई 2 एकड़ जमीन 60 हजार रुपए में गिरवी रखनी पड़ी। मृतका के पति ने कहा कि इसके बावजूद मेरी पत्नी की जान नहीं बच पाई।


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