Saturday, May 25, 2024
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CG: शराब पीकर किया इलाज, प्रेग्नेंट युवती की मौत.. तीन दिनों से घर पर रखकर कर रहा था गर्भपात, आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के साथ प्रेमी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टर का इलाज जान पर भारी पड़ गया। मंदिर हसौद इलाके में झोलाछाप डॉक्टर से गर्भपात कराने गई युवती की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर और मृतका के प्रेमी ईश्वर धुर्व को हिरासत में ले लिया है।

जानकारी के अनुसार मंदिर हसौद थाना के तहत रीवा लखोली गांव की रहने वाली 18 साल की युवती का इसी गांव के युवक से प्रेम संबंध था। प्रेमी-प्रेमिका के बीच बने शारीरिक संबंध से युवती गर्भवती हो गई। इससे अविवाहित युवती घबरा गई। इसके बाद प्रेमी ने प्रेमिका का गर्भपात कराने झोलाछाप डॉक्टर के यहां पहुंचा।

झोलाछाप डॉक्टर अपने ही घर पर गर्भवती युवती को तीन दिनों से रखकर गर्भपात कर रहा था। इसी दौरान युवती की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही युवती के परिजन आक्रोशित हो गए।

गुस्साए परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर तपन दास पर शराब पीकर गर्भपात कराने का आरोप लगाया। इस घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर और मृतका के प्रेमी ईश्वर धुर्व को हिरासत में ले लिया है।

प्रदेश में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं.. यहां पढ़ें खबरें

जांजगीर में 11 दिन पहले झोला छाप डॉक्टर के इलाज से युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी तिवारी द्वारा दो साल का सश्रम कारावास और 5000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अपर लोक अभियोजक बालकृष्ण मिश्रा के अनुसार घटना दिनांक 31 मई 2020 की सुबह 11 बजे युवक आशीष कश्यप अपने घर की परछी में बेहोश पड़ा था। वहां पर गांव कंडरा का युवक केशव यादव खड़ा था।

परिवार वालों के सामने केशव ने आशीष के हाथ में लगे इंजेक्शन को निकाला था। गंभीर हालत में आशीष को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिसरा और पीएम रिपोर्ट में युवक की मौत की पुष्टि गलत दवा का उपयोग करने से होने की पुष्टि होने पर केशव यादव के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया था।

झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मासूम की मौत

सरगुजा जिले में एक माह पहले झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से दो वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नीलकंठ की रहने वाले परिवार की दो वर्षीय बच्ची को सर्दी- खांसी बुखार हुआ था।

झोलाछाप डॉक्टर ने लगाया गलत इंजेक्शन
बीमार बच्ची लेकर परिजन बलरामपुर जिले के कुसमी बस स्टैंड पहुंचे और मेडिकल स्टोर के आड़ में उपचार करने वाले झोलाछाप डॉक्टर को दिखाया। परिजनों का आरोप है कि दुकान संचालक जो कि मेडिकल स्टोर के आड़ में डॉक्टरी करता है, उसके द्वारा बच्ची को गलत इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके 5 मिनट बाद ही बच्ची को खून की उल्टी होना शुरु हो गई।

डॉक्टर ने इसे इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल ले जाओ कहकर चलता कर दिया। लाचार परिजन उसे अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज ले जा रहे थे, इसी दौरान बीच रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया था। बच्ची की मौत के बाद देर रात परिजन शव लेकर गांव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम में छा गया। परिजन सहित ग्रामीणों ने बुधवार को नम आंखों से अंतिम संस्कार किया।

बस स्टैंड स्थित एक मेडिकल स्टोर कम झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से दो वर्षीय बच्ची की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। बलरामपुर कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार उमा सिंह और स्वास्थ्य विभाग सहित पुलिस टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया था। वहीं झोलाछाप डाॅक्टर सुबह से ही मेडिकल संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया। ग्राम नीलकंठपुर निवासी दो वर्षीय सिमरन पिता मनोहर राम को कुछ दिन से सर्दी-खांसी थी। सोमवार को परिजन बच्ची को लेकर बस स्टैंड स्थित केजीएन मेडिकल स्टोर संचालक झोलाछाप डॉक्टर सेराजुउद्दिन अंसारी के पास इलाज कराने लाए थे। डॉक्टर ने बच्ची को दो इंजेक्शन लगाए।

इसके बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती चली गई और बच्ची ने खून की उल्टी कर दी। डॉक्टर ने इसे इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल ले जाओ कहकर चलता कर दिया। लाचार परिजन उसे अंबिकापुर मेडिकल काॅलेज ले जा रहे थे, इसी दौरान बीच रास्ते में बच्ची ने दम तोड़ दिया।

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