उत्तर प्रदेश: सहारनपुर में शुक्रवार को एक डंपर बेकाबू होकर कार पर पलट गया। डंपर पर लदी बजरी भी कार पर गिर गई। इस हादसे में 4 साल के बच्चे समेत 7 लोगों की मौत हो गई। डंपर में बजरी भरी थी। रफ्तार तेज होने की वजह से डंपर बेकाबू हो गया।
हादसा इतना भीषण था कि पूरी कार डंपर और बजरी के नीचे दब गई। 5 फीट की कार 2 फीट की बची। बाद में डंपर को 3 क्रेन की मदद से किनारे किया गया। जबकि, बजरी हटाने में लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। तब तक कार सवार तड़पते रहे। बाद में कार की छत काटकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है, परिवार अंतिम संस्कार में शामिल होने सैयद माजरा गांव से सहारनपुर के गंगोह जा रहा था। कार में एक ही परिवार के 7 लोग सवार थे। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से भाग गया। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 7 लाशें कार से निकाली गई हैं। उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। मामला थाना गागलहेडी का है।
3 तस्वीरें देखिए…

हादसे का पता चलते ही मृतकों के घरवाले मौके पर पहुंच गए। उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और लाशों को कार से बाहर निकलवाया।

क्रेन के जरिए डंपर को कार के ऊपर से हटाया गया। इसके बाद डेडबॉडी बाहर निकाली गई।
अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझिए…
गांव के बाहर ही हादसा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह सवा 9 बजे सहारनपुर के सैयद माजरा गांव का रहने वाला परिवार कार से निकला था। कार गांव के बाहर एक्सप्रेस-वे पर पहुंची ही थी कि देहरादून की तरफ से आ रहा तेज रफ्तार डंपर उस पर पलट गया।
बेकाबू डंपर कार के ऊपर पलट गया
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अचानक डंपर के सामने आ गई। डंपर चालक ने ब्रेक लगाए, लेकिन रफ्तार तेज होने की वजह से वह गाड़ी संभाल नहीं पाया। बेकाबू डंपर कार के ऊपर पलट गया। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी पिचक गई। परिवार उसके अंदर ही फंस गया।

हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। रास्ते पर बड़े-बड़े पत्थर रख दिए।
परिवार के 7 लोगों की मौत, एक की शिनाख्त
सैयद माजरा में महेंद्र सैनी रहते हैं। उनके 2 बेटे थे बड़ा प्रदीप और छोटा संदीप। प्रदीप की शादी हो चुकी है। जबकि संदीप फार्मासिस्ट था। वह पूर्व मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी के भाई करण सिंह के हॉस्पिटल में मेडिकल स्टोर चलाता था।
महेंद्र ने बताया कि गुरुवार को गंगोह में रहने वाले उनके साले की तबीयत खराब हो गई थी। हालत ज्यादा सीरियस हालत होने पर दोनों बेटे प्रदीप और संदीप कार से मामा से मिलने गए थे। इसी बीच मामा की मौत हो गई। इस पर प्रदीप वहीं रुक गया। जबकि, संदीप कार से घर आ गया।
शुक्रवार सुबह मामा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए महेंद्र का बेटा संदीप (24), उनकी पत्नी रानी देवी, बेटी जूली (27), नाती (4), महेंद्र का दामाद शेखर कुमार (28), महेंद्र की साली का बेटा मोहद्दीपुर निवासी विपिन (20) और रिश्तेदार राजू सैनी (27) कार से जा रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया। हालांकि, हादसे के बाद भी संदीप की सांसें चल रही थीं। अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी मौत हो गई।

यह संदीप हैं, जिनकी हादसे में मौत हो गई।
गांव से करीब 1KM दूर हुआ हादसा
गांव से करीब 1KM बाहर आते ही यह बड़ा हादसा हो गया। कार संदीप चला रहा था। बराबर की सीट पर बड़े भाई के ससुर उमेश सैनी बैठे थे। पिछली सीट पर बहन जूली, जीजा शेखर, मां रानी, मौसी का लड़का विपिन और भांजे अनिरुद्ध को बहन ने गोद में लिया हुआ था।

सभी शवों को अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
सभी शवों को हुआ अंतिम संस्कार
संदीप और उसकी मां रानी का अंतिम संस्कार गांव सैयद माजरा में शुक्रवार को ही कर दिया गया। बेटी जूली और दामाद शेखर और उनके बेटे अनिरुद्ध का अंतिम संस्कार हरिद्वार के चंगा मछली भगवानपुर में अंतिम संस्कार हुआ। महेंद्र के बड़े बेटे के ससुर उमेश का रावली हरिद्वार में अंतिम संस्कार हुआ। महेंद्र की साली के बेटे विपिन का अंतिम संस्कार दौलतपुर में हुआ।
डंपर ओवरलोड था, स्पीड 100 से अधिक थी
ग्राम प्रधान ने बताया कि मैं हाईवे के किनारे कार लेकर खड़ा था। डंपर ओवरलोड था। उसकी स्पीड 100 से अधिक थी। जैसे ही उसने तेज गति में डंपर मोड़ा, वह बेकाबू होकर कार पर ही पलट गया। चालक ने शराब भी पी रखी थी। डंपर को कई क्रेनों की मदद से हटाया गया। फिर कार की छत तोड़ी गई। करीब एक घंटे बाद सभी के शव निकाले जा सके। जब संदीप को बाहर निकाल गया तो उसकी सांसें चल रही थीं। अस्पताल पहुंचने के बाद उसने दम तोड़ा।

पुलिस के समझाने के बाद लोग शांत हुए और रास्ता साफ किया।
गुस्साए लोगों ने जाम लगाया, पुलिस ने समझाया
ADM संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि हादसे में सात लोगों की मौत हुई है। गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया था। उनकी मांगे थीं कि उन्हें आर्थिक सहायता दिलाई जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद की जाए। हम लोगों ने आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को पत्र भेजा जाएगा। इसके बाद सभी शांत हो गए और जाम खोल दिया।
किसान दुर्घटना बीमा के तहत फायदा दिलाया जाएगा
यूपी सरकार के मंत्री जसवंत सैनी का कहना है कि पीड़ितों को किसान दुर्घटना बीमा के तहत फायदा दिलाया जाएगा। परिवार की अधिक से अधिक सहायता कराने का प्रयास किया जाएगा। अगर खनन में डंपर चल रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

(Bureau Chief, Korba)




