Sunday, May 26, 2024
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BCC News 24: CG न्यूज़- आठवीं की छात्रा की बास्केटबॉल खेलते समय मौत.. सेंट्रल स्कूल में हादसा, मौत की खबर सुनते 4 सहेलियां बेहोश

बिहार: मुंगेर के एक स्कूल में आठवीं की छात्रा की बास्केटबॉल खेलते समय मौत हो गई। जमालपुर के सेंट्रल स्कूल में हुए इस हादसे का वीडियो सामने आया है। मौत की खबर सुनकर छात्रा की 4 सहेलियां भी बेहोश हो गईं जिन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया।

दरअसल, जमालपुर सेंट्रल स्कूल में बुधवार को आठवीं की छात्रा पायल कुमारी (14) गेम्स पीरियड में खेलने के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गई। उसे रेलवे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अब स्कूल के प्ले-ग्राउंड में लगे CCTV का फुटेज सामने आया है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि पायल हाथ में बास्केटबॉल लेकर किसी को बुलाते हुए आगे बढ़ती है। उसी दौरान अचानक बीच ग्राउंड में ही बेहोश होकर गिर पड़ती है। बास्केटबॉल उसके हाथ से छूटकर नीचे गिरती है और पायल का सिर उसी बॉल से जमीन पर टकराता है। उसके गिरते ही कई बच्चे दौड़कर उसके पास आते हैं और उसे उठाते हैं। हालांकि, वह तब भी बेहोशी की हालत में ही रहती है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाता है।

स्कूल की प्रिंसिपल केसी मीना ने बताया कि पायल के दिल में बचपन से ही छेद था।

स्कूल की प्रिंसिपल केसी मीना ने बताया कि पायल के दिल में बचपन से ही छेद था।

खबर सुन पायल की चार सहेलियां भी बेहोश हो गईं
इस घटना के समय क्लास का आखिरी पीरियड होने के कारण ज्यादातर बच्चों को छात्रा की मौत का पता नहीं चला। गुरुवार को सुबह जैसे ही स्कूल खुला और प्रार्थना के बाद बच्चे अपने क्लास रूम पहुंचे, तब उन्हें यह खबर मिली। छात्रा की मौत की खबर सुनकर उसकी दोस्त रही स्कूल की चार छात्राएं भी बेहोश हो गई। इससे थोड़ी देर के लिए स्कूल में अफरातफरी का माहौल बन गया। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत चारों को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया। सभी का इलाज कर वापस घर भेजा गया।

थाना और परिजनों को दिखाया गया CCTV फुटेज
वहीं इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल केसी मीना ने बताया, ‘मृत छात्रा के परिजनों के बयान के अनुसार बच्ची के दिल में बचपन से ही छेद था। इसका इलाज चल रहा था। इसी से ही बच्ची की मौत हुई। प्रबंधन की कोई लापरवाही नहीं है और स्कूल के CCTV में भी साफ देखा जा सकता है। खेलने के दौरान मृत छात्रा कैसे अचानक जमीन पर गिर गई। आज जो चारों छात्राएं बेहोश हुईं, वे चारों मृतक की सहेलियां थी और अपनी दोस्त की मौत की खबर सुनी तो बेहोश हो गईं।

तत्काल उन्हें रेलवे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया, जहां उनकी स्थिति में सुधार होने के बाद उनके घर परिजनों के साथ भेज दिया गया।’ उन्होंने बताया कि छात्रा की मौत के बाद जमालपुर थाना और परिजनों को पूरी जानकारी देते हुए CCTV फुटेज दिखाते हुए बताया गया है।

ज्यादा दौड़ने वाले खेल से बचना चाहिए
डॉक्टर्स के मुताबिक 100 में से 1 बच्चे के दिल में छेद की बीमारी होती है। जिन बच्चों को दिल में छेद होता है, उन्हें ज्यादा भागदौड़ वाले खेलों से बचना चाहिए। ऐसे बच्चों को हल्के खेलकूद या बैठने वाले खेल में शामिल रहना चाहिए। खेल को लेकर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। ऐसे बच्चों को एक्सरसाइज जैसी गतिविधियों से दूर रखना चाहिए। अगर वो एक्सरसाइज जैसी गतिविधियों को अपनाते हैं, तो इससे उन्हें सांस लेने में परेशानी के साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं नजर आ सकती हैं।

इलाज मुमकिन है
दिल में छेद होने के मामले में बच्चे का इलाज संभव है। ओपन हार्ट सर्जरी की मदद से जन्मजात हृदय संबंधित समस्याओं को दूर किया जा सकता है। कुछ मामलों में न्यूनतम इनवेसिव हार्ट सर्जरी का विकल्प भी हो सकता है। इस दौरान बच्चे के हृदय के छेद को कम करने की कोशिश की जाती है। अगर दिल कार्य करने की क्षमता नहीं है तो इस स्थिति में हार्ट ट्रांसप्लांट का विकल्प होता है। ये बच्चों में जन्मजात से कई मामलों में देखा जाता है, इस दौरान जब बच्चे की हालात काफी गंभीर होती है तो डॉक्टर हार्ट ट्रांसप्लांट का विकल्प ही चुनते हैं।

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