Tuesday, February 24, 2026

              पश्चिम बंगाल: राज्यपाल आनंद बोस को जान से मारने की धमकी, देर रात आया ई-मेल, कोलकाता के सॉल्ट लेक से आरोपी गिरफ्तार

              कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को गुरुवार देर रात ई-मेल के जरिए जान से मारने की धमकी दी गई। ई-मेल में राज्यपाल को बम से उड़ाने की बात लिखी थी। पुलिस ने कुछ ही घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

              आरोपी को कोलकाता के पास सॉल्ट लेक इलाके से पकड़ा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने धमकी क्यों दी और इसके पीछे क्या साजिश हो सकती है।

              लोक भवन के अधिकारी ने बताया कि धमकी की जानकारी राज्य के डीजीपी को दे दी गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इस घटना से अवगत कराया गया है। आरोपी ने ई-मेल में अपना मोबाइल नंबर भी लिखा था।

              धमकी के बाद राज्यपाल की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। सीवी आनंद बोस पहले से ही Z+ सुरक्षा मिली है।राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के 60-70 जवान राज्यपाल बोस की सुरक्षा में तैनात हैं।

              राज्यपाल बोस को धमकी की घटना उस वक्त हुई है, जब राज्य में सियासी तूफान उठा हुआ है। 8 जनवरी को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने TMC के सोशल मीडिया हेड के ठिकानों पर रेड मारी थी। CM ममता ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।

              इस पर राज्यपाल ने कहा है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह संविधान में सहयोग करे। किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य से रोकना दंडनीय अपराध है।

              भाजपा बोली- ममता बनर्जी नाकामयाब नेता

              भाजपा IT सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा- ममता बनर्जी के राज में आपका स्वागत है, जहां गवर्नर भी सुरक्षित नहीं हैं। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। गृह मंत्री, ममता बनर्जी, कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी एक प्राइवेट फर्म को बचाने के लिए ED से सबूत वाली फाइलें छीनने में व्यस्त हैं। ममता बनर्जी एक पूरी तरह से नाकामयाब नेता हैं।

              अब जानिए CM ममता और राज्यपाल बोस कब-कब सामने-सामने आए

              2023: विश्वविद्यालयों में VC नियुक्ति विवाद

              राज्यपाल बोस ने राज्य के कई विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर (VC) नियुक्त किए, जिस पर राज्य सरकार ने आपत्ति जताई। सरकार का आरोप था कि नियुक्तियां राज्य की सलाह के बिना हुईं। राज्यपाल ने कहा कि कानून के तहत यह उनका अधिकार है। मामला अदालत तक पहुंचा और उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।

              2023-2024: राज्य विधेयकों को मंजूरी न देने का आरोप

              राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि राज्यपाल कई विधेयकों पर मंजूरी में देरी कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने इसे ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा’ बताया था। राज्यपाल का पक्ष था कि विधेयकों की संवैधानिक जांच जरूरी है। इससे सरकार-राज्यपाल संबंध और तनावपूर्ण हुए।

              2023: मनरेगा और केंद्रीय फंड पर टिप्पणी

              राज्यपाल ने मनरेगा सहित केंद्रीय योजनाओं में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए। राज्य सरकार ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। दोनों पक्षों के बयानों से केंद्र-राज्य संबंधों पर भी असर पड़ा।

              2023-24: राज्यपाल की जिलों की यात्राएं

              राज्यपाल के जिलों के दौरे और जनता से सीधे संवाद पर सरकार ने आपत्ति जताई। सरकार ने कहा कि यह समानांतर प्रशासन जैसा है। राज्यपाल ने इसे जनता से जुड़ने का संवैधानिक दायित्व बताया था।

              2024: महिला कर्मचारियों की सेक्शुअल हैरेसमेंट की शिकायतें

              पश्चिम बंगाल लोक भवन से जुड़े सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप सामने आए, जिस पर राज्य सरकार ने जांच और कार्रवाई की मांग की। राज्यपाल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया और राजनीतिक दुर्भावना बताया। मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहा, लेकिन तनाव बढ़ता रहा।


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