Korba News: बाबा गुरुघासीदास जयंती समारोह में आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति… जमीन में गड्ढा खोदकर युवक को जिंदा दफनाया, सत्येंद्र सोनवानी ने अपनी कला से हर किसी को किया कायल

        कोरबा: जिले के ग्राम पहंदा में दो दिवसीय आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंति समारोह में कई तरह की तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के दौरान पंथी नृत्य दलों ने आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। आयोजन के दौरान एक युवक को जमीन में गड्ढा खोदकर 10 मिनट तक दफन रखा गया। इस दौरान देखने वालों की नजर उसकी प्रस्तुति से हट नहीं रही थी।

        दरअसल, सक्ती जिले के ग्राम सेंद्री निवासी सत्येंद्र सोनवानी ने बाबा गुरुघासी दास जी के चमत्कारों का सजीव चित्रण किया। ऐसा कहा जाता है कि बाबा मौत के आगोश में समा जाने वाले को भी जिंदा कर देते थे। ऐसा ही कुछ सत्येंद्र सोनवानी ने भी किया।

        पंथी नृत्य दलों ने आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

        पंथी नृत्य दलों ने आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।

        युवक की हो रही तारीफ

        नुक्कड़ नाटक के जरिए वह दस फिट जमीन के अंदर चला गया, जिसके ऊपर मौके पर लोगों ने मिट्टी डाल दिया। करीब दस मिनट तक वह जमीन के भीतर ही रहा। इसके बाद वह बाहर निकला। युवक की अब जमकर प्रशंसा हो रही है।

        युवको को जमीन में दफनाया गया।

        युवको को जमीन में दफनाया गया।

        पंथी नृत्य और पंथी गीत का आयोजन

        आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में एकता और एकजुटता कायम रहती है। दो दिवसीय बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में केवल पंथी नृत्य और पंथी गीत का आयोजन रखा गया था। जहां कार्यक्रम से पहले भव्य शोभायात्रा निकाला गया, जो गांव में करने के बाद कार्यक्रम आयोजित किए गए।

        10 मिनट तक युवक को जमीन के अंदर रखा गया।

        10 मिनट तक युवक को जमीन के अंदर रखा गया।

        इन लोगों को मिला पुरस्कार

        इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग नित्य प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिन्हें पुरस्कृत भी किया गया। पहला पुरस्कार प्रथम स्टार बॉयस कांपुपहरी, दूसरा सत्यम शिवम सुंदरम पंथी पार्टी सेंदरी को मिला।

        इसके साथ ही तीसरा ज्योति कलस पंथी पार्टी देवरमाल, चौथा अचानकपुर पंथी पार्टी, पंचम में सतनामी बेटी पंथी पार्टी करुमहुआ, छठवां संजना जाटवर और सांथी चुइहापारा को दिया गया है। इस कार्यक्रम के दौरान आसपास के कई गांव के लोगों ने कार्यक्रम का लुफ्त उठाया।



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