Saturday, February 21, 2026

              CG : महुआ बिनने गए परिवार पर हाथी का हमला, एक ही परिवार के तीन घायल, जंगल किनारे बने कैंप पर पहुंच गया था

              हाथी के हमले में घायल महिला

              सरगुजा: जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में महुआ बिनने के लिए जंगल में डेरा डाले परिवार पर रविवार तड़के हाथी ने हमला कर दिया। उदयपुर के फतेहपुर जंगल किनारे परिवार ने तिरपाल लगाकर सो रहे थे। एक हाथी ने उनके कैंप पर हमला बोल दिया। हाथी के हमले में पति-पत्नी सहित एक आठ माह की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों की जान बच गई। घायलों के अंबिकापुर मेडिकल कालेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।

              जानकारी के मुताबिक, उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम फतेहपुर निवासी दुर्गा गोंड़ (34) अपनी पत्नी हारमति (34), पुत्र शिवशंकर (4) व दुधमुंही बच्ची अंजना (8) के साथ महुआ बिनने के लिए जंगल के पास कैंप कर रहे थे। उन्होंने तिरपाल बांधकर कैंप बनाया हुआ था। बीती रात वे अपने कैंप में सो गए थे।

              रविवार तड़के करीब तीन बजे जंगल में विचरण कर रहा हाथी उनके कैंप में पहुंचा एवं हाथी ने तिरपाल को उखाड़ दिया। हाथी को देखकर दंपती ने शोर मचाया तो हाथी ने उन्हें सूंढ़ से उठाकर फेंक दिया।

              एंबुलेंस से अस्पताल लाए गए घायल

              एंबुलेंस से अस्पताल लाए गए घायल

              तीनों घायल, हाथी से किसी तरह हुए दूर
              हाथी द्वारा उठाकर फेंकने से दुर्गा गोंड़ के कमर, हारमति के सीने में गंभीर चोटें आईं। वहीं दुधमुंही बच्ची अंजना को अंदरूनी चोटें आई हैं। हाथी महुआ व चावल खाने लगा, जिससे दंपती बच गए। दंपती किसी तरह हाथी से कुछ दूर जाने में कामयाब हुआ। गनीमत यह रही कि हाथी ने उन्हें नहीं कुचला।

              दुर्गा गोंड़ अपने बड़े बच्चे शिवशंकर को लेकर भागा। उसकी मां हारमति अपनी बेटी को लेकर भागी। हारमति व उसकी बेटी को उठाकर फेंका, जिससे दोनों को गंभीर चोटें आईं। शिवशंकर को गंभीर चोटें नहीं आई हैं। ज्यादा चोटें मां-बेटे को आई हैं।

              अस्पताल में दाखिल घायल बालिका

              अस्पताल में दाखिल घायल बालिका

              मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर
              रविवार तड़के महुआ बिनने के लिए कुछ ग्रामीण जंगल की ओर गए तो उन्हें तीनों घायल अवस्था में मिले। सूचना पर वनकर्मी मौके पर एंबुलेंस लेकर पहुंचे एवं ग्रामीणों की मदद से तीनों को उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हास्पिटल रेफर कर दिया गया है।

              ग्रामीणों का कैंप को हाथी ने उजाड़ा

              ग्रामीणों का कैंप को हाथी ने उजाड़ा

              एक सप्ताह से विचरण कर रहे दो हाथी
              रेंजर कमलेश राय ने बताया कि दो हाथी एक सप्ताह से उदयपुर वन परिक्षेत्र में विचरण कर रहे हैं। दोनों हाथी एक साथ थे, परंतु दो दिनों पूर्व दोनों हाथी अलग-अलग होकर विपरीत दिशाओं में चले गए हैं। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को लगातार जंगल में न जाने की समझाइश दी जा रही है, लेकिन लोग नहीं मान रहे हैं।

              महुआ के सीजन में हाथी बन रहे काल
              सरगुजा संभाग में यलो गोल्ड कहा जाने वाला महुआ ग्रामीणों के आय का बड़ा जरिया है। महुआ बिनने के लिए लोग जंगलों में कैंप करते हैं या तड़के ही पहुंच जाते हैं एवं पूरे दिन जंगलों में जमे रहते हैं। सरगुजा संभाग में अनुमान के मुताबिक 250 से 300 करोड़ रुपये का महुआ संग्रहित होता है।

              जंगलों में हाथियों की मौजूदगी के कारण महुआ बिनने वाले लोग इसका शिकार हो रहे हैं। एक पखवाड़े पूर्व रामानुजगंज क्षेत्र के ग्राम चिनिया में पहुआ बिनने गई पूर्व सरपंच को हाथियों ने कुचलकर मार डाला था। अन्य स्थानों पर भी लोगों का हाथियों से सामना हो रहा है।


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