KORBA : 200 गोवंश का रेस्क्यू, जंगल के रास्ते गौ-तस्करी के फिराक में थे तस्कर, पुलिस कर रही जांच

              KORBA: कोरबा में तस्करी कर ले जा रहे 200 गोवंशों को गौ-तस्करों से पुलिस ने रेस्क्यू किया। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। वहीं गौ सेवकों ने तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है।

              जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्ति छुरी के बिंझपुर जंगल के रास्ते से लगभग 200 गोवंशों ले जा रहे थे। छुरी के गौ सेवकों ने रोककर उनसे पूछताछ की और कटघोरा पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद सभी को थाना लाया गया। तस्करी करने वाले व्यक्तियों मे छुरी के ही निवासी होने की जानकारी मिली।

              गौ तस्करों की मिल रही थी लगातार शिकायतें

              प्रांतीय गौ रक्षा संवर्धन प्रमुख उमेश बिसेन ने बताया कि छुरी निवासी दुकालू राम केंवट और संतोष केंवट का नाम सामने आ रहा है। जो गौ तस्करी का काम करते हैं। गौ सेवकों को लगातार इनके बारे में शिकायतें मिल रही थी। तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

              कटघोरा क्षेत्र मे गौ तस्करी के मामले ज्यादा

              उमेश बिसेन का कहना है कि कटघोरा क्षेत्र मे गौ तस्करी के मामले ज्यादा आने लगे हैं। गौ तस्करी माफिया छुरी के निवासी है जिनकी एक बड़ी टीम क्षेत्र मे काफ़ी वर्षों से काम कर रही है, जिन्हें पूरी तरह से बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के गोवंश को चंद रुपए में खरीद कर झारखंड ले जाया जाता है, जहां गोवंशों का व्यापार बड़ी मात्रा में की जा रही है।

              गो-वंशों के चारा-पानी की व्यवस्था की गई

              उमेश बिसेन ने कहा कि जब गौ वंश पकड़े जाते हैं तब उनके चारा पानी कि व्यवस्था करना स्थानीय वेटनरी कि जिम्मेदारी होती है। वेटनरी के सुस्त रवैय्ये से भी गौ रक्षा सवर्धन प्रमुख ने नाराजगी जाहिर की। बता दें फिलहाल गौ वंशों के चारा-पानी की व्यवस्था कर उन्हों गौठान में रखा गया है।

              कटघोरा थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी ने बताया कि तस्करी मामले मे शिकायतकर्ता मेघा चौहान कि रिपोर्ट पर छुरी निवासी दुकालू केंवट और संतोष केंवट पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है, जिसकी जांच कि जा रही है।


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