Sunday, January 11, 2026

              ईरान: महंगाई के खिलाफ आम लोगों में नाराजगी बढ़ी, 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन, अब तक 45 की मौत, खामेनेई बोले- ट्रम्प को खुश करने के लिए देश बर्बाद न करें

              तेहरान: ईरान में महंगाई के खिलाफ 13 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच गुरुवार रात को हालात और खराब हो गए। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फैल चुका है।

              अमेरिकी ह्यूमन राइट एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

              ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने देशभर में प्रदर्शनों के बीच पहली बार राष्ट्र को संबोधित किया। ईरान की सरकारी टीवी ने खामेनेई का भाषण प्रसारित किया। खामेनेई ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपने ही देश को बर्बाद कर रहे हैं।

              खामेनेई ने कहा कि ईरान “विदेशियों के लिए काम करने वाले भाड़े के लोगों” को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनों के पीछे विदशी एजेंट हैं जो देश में हिंसा भड़का रहे हैं।

              प्रदर्शन की 7 तस्वीरें…

              बढ़ती मंहगाई के खिलाफ हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ईरान की सड़कों पर उतर आए।

              बढ़ती मंहगाई के खिलाफ हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी ईरान की सड़कों पर उतर आए।

              ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में प्रदर्शनकारियों ने देश का राष्ट्रीय ध्वज फाड़ दिया।

              ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में प्रदर्शनकारियों ने देश का राष्ट्रीय ध्वज फाड़ दिया।

              प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने मार्च निकाला, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

              प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने मार्च निकाला, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

              विरोध प्रदर्शनों के दौरान तेहरान और ईरान के कई अन्य हिस्सों में डिजिटल ब्लैकआउट हुआ और इंटरनेट कनेक्टिविटी ठप हो गई।

              विरोध प्रदर्शनों के दौरान तेहरान और ईरान के कई अन्य हिस्सों में डिजिटल ब्लैकआउट हुआ और इंटरनेट कनेक्टिविटी ठप हो गई।

              ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो रहा है। वह ईरान की शासन को चुनौती देती नजर आती है। वे कहती हैं मुझे सरकार से डर नहीं लगता, मैं 47 साल से मरी हुई हूं। महिला के मुंह से खून निकलता दिख रहा है।

              ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बुजुर्ग महिला का वीडियो वायरल हो रहा है। वह ईरान की शासन को चुनौती देती नजर आती है। वे कहती हैं मुझे सरकार से डर नहीं लगता, मैं 47 साल से मरी हुई हूं। महिला के मुंह से खून निकलता दिख रहा है।

              प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने मार्च निकाला, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

              प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने मार्च निकाला, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन गई।

              प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पत्थरबाजी की गई।

              प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पत्थरबाजी की गई।

              तेहरान एयरपोर्ट, इंटरनेट-फोन सर्विस बंद

              प्रदर्शनकारियों ने सड़कें ब्लॉक कीं, आग लगाई। लोगों “खामेनेई को मौत” और “इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ” जैसे नारे लगाए। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में रहे। उन्होंने ‘यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे’ के नारे लगाए।

              देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है।

              निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की थी

              तेहरान में बाजार बंद रहे, छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा किया। इसके तुरंत बाद सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन लाइनें काट दीं। इसे इंटरनेट वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने हिंसक दमन की तैयारी बताया। फिर भी कुछ लोग स्टारलिंक से वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। स्टारलिंक, इलॉन मस्क की इंटरनेट सर्विस है, जो सैटेलाइट से ऑपरेट होती है।

              प्रदर्शन और तेज हो गए जब निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार को लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। उनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए थे। युवराज पहलवी अभी अमेरिका में रह रहे हैं।

              पहलवी ने लिखा, ‘मैं राष्ट्रपति ट्रम्प की तारीफ करता हूं। आजाद दुनिया के नेता के तौर पर, उन्होंने एक बार फिर सरकार को जवाबदेह ठहराने की जरूरत पर जोर दिया है। अब समय आ गया है कि दूसरे लोग उनके नक्शे कदम पर चलें, अपनी चुप्पी तोड़ें, और मजबूती से ईरानी लोगों के समर्थन में कार्रवाई करें।’

              ट्रम्प की धमकी- प्रदर्शनकारियों को मारा, तो हमला करेंगे

              इस अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका, ईरान पर हमला करेगा।

              ट्रम्प ने कहा, “मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों में अक्सर करते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे।”

              ईरान में महंगाई से आम लोगों में नाराजगी बढ़ी

              देशभर में GenZ आक्रोश में है। इसका कारण आर्थिक बदहाली रहा है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।

              साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई चरम पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

              इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।

              प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी भी की।

              प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थरबाजी भी की।

              क्राउन प्रिंस को सत्ता सौंपने की मांग

              ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। वे 1979 से 1989 तक 10 साल सुप्रीम लीडर रहे। उनके बाद सुप्रीम लीडर बने अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से अब तक 37 साल से सत्ता में हैं।

              ईरान आज आर्थिक संकट, भारी महंगाई, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, बेरोजगारी, मुद्रा गिरावट और लगातार जन आंदोलनों जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। 47 साल बाद अब मौजूदा आर्थिक बदहाली और सख्त धार्मिक शासन से नाराज लोग अब बदलाव चाहते हैं।

              इसी कारण 65 वर्षीय क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं। युवाओं और जेन जी को लगता है कि पहलवी की वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी मिल सकती है।

              स्वीडन और बेल्जियम ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया

              ईरान में प्रदर्शन के बीच स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने प्रदर्शनकारियों के तरफ अपना समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि स्वीडन उनकी आवाज सुनता है और उनकी स्वतंत्रता के लिए लड़ाई का समर्थन करता है।

              उन्होंने कहा, “ईरानी जनता एक बार फिर दमन के खिलाफ उठ खड़ी हुई है। स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य की मांगों को हिंसा और दमन से लंबे समय तक चुप नहीं कराया जा सकता। स्वीडन प्रदर्शनों को दबाने के प्रयासों की निंदा करता है।”

              बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भी ईरान के लोगों की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा, “कई वर्षों के दमन और आर्थिक कठिनाइयों के बाद ईरानी स्वतंत्रता के लिए खड़े हो रहे हैं। हम उनका पूरा समर्थन करते हैं।”

              ईरान की इकोनॉमी तेल निर्यात पर निर्भर

              साल 2024 में ईरान का कुल निर्यात लगभग 22.18 बिलियन डॉलर था, जिसमें तेल और पैट्रोकैमिकल्स का बड़ा हिस्सा था, जबकि आयात 34.65 बिलियन डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा 12.47 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

              2025 में तेल निर्यात में कमी और प्रतिबंध के कारण यह घाटा और बढ़कर 15 बिलियन डॉलर तक बढ़ा है। मुख्य व्यापारिक साझेदारों में चीन (35% निर्यात), तुर्की, यूएई और इराक शामिल हैं। ईरान चीन को 90% तेल निर्यात करता है।

              ईरान ने पड़ोसी देशों और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश की है, जैसे कि INSTC कॉरिडोर और चीन के साथ नए ट्रांजिट रूट्स। फिर भी, 2025 में जीडीपी वृद्धि केवल 0.3% रहने का अनुमान है। प्रतिबंध हटने या परमाणु समझौते की बहाली के बिना व्यापार और रियाल का मूल्य स्थिर करना मुश्किल रहेगा।


                              Hot this week

                              रायपुर : प्रोजेक्ट उन्नति से संवर रहा भविष्य

                              मनरेगा श्रमिकों के परिवार अब बनेंगे कुशल राजमिस्त्रीरायपुर: बस्तर...

                              KORBA : जिले में अब तक किसानों से 1644752 क्विंटल धान की हुई खरीदी

                              66.27 प्रतिशत धान का हुआ उठावकोरबा (BCC NEWS 24):...

                              रायपुर : पारदर्शी धान उपार्जन व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत

                              रायपुर: प्रदेश में लागू पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित धान उपार्जन...

                              Related Articles

                              Popular Categories