कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध घुसपैठ से निपटने के लिए 45 दिन के भीतर यह जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
हावड़ा के नाबन्ना में नवनिर्वाचित BJP सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। CM अधिकारी ने कहा कि यह फैसला बैठक में लिए गए मुख्य प्रस्तावों में से एक था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि TMC सरकार ने राज्य में पुराने IPC और CrPC की जगह नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) को लागू नहीं किया था।
राज्य में अब BNS लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत और जन आरोग्य योजना भी पश्चिम बंगाल में भी लागू की जाएंगी।
पहली कैबिनेट बैठक में मंत्री दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निषिथ प्रमाणिक, क्षुदीराम और अशोक कीर्तनिया मौजूद थे। अभी तक मंत्रियों को विभाग नहीं बांटे गए हैं।
CM सुवेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक, नाबन्ना से 3 तस्वीरें…

बंगाल CM अधिकारी को हावड़ा में नाबन्ना में पदभार ग्रहण करने के बाद ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया।

राज्य सचिवालय नाबन्ना में CM सुवेंदु अधिकारी के साथ कैबिनेट के सभी 6 मंत्री भी मौजूद रहे।

कैबिनेट मीटिंग के बाद CM अधिकारी ने बंगाल के सीनियर पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की।
सुवेंदु कैबिनेट की बैठक के फैसले
- चुनावी हिंसा में मारे गए 321 BJP कार्यकर्ताओं के परिवारों की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी।
- भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए BSF को जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसे 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
- आयुष्मान भारत योजना समेत केंद्र की सभी योजनाएं जल्द ही लागू होंगी। उज्ज्वला योजना से जुड़ी सभी लंबित याचिकाएं केंद्र के पास भेजी गई हैं।
- IAS और IPS अधिकारियों को सेंट्रल ट्रेनिंग की परमिशन दी जाएगी।
- बंगाल में BNS लागू नहीं था, राज्य में इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।
- राज्य सरकार की नौकरियों में पांच साल का विस्तार दिया गया है।
बांग्लादेश से लगती है बंगाल की 2216 किमी सीमा
भारत, बांग्लादेश के साथ 4,097 किलोमीटर लंबी बॉर्डर शेयर करता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार लगभग 3,240 किलोमीटर की सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है और लगभग 850 किलोमीटर, जिसमें 175 किलोमीटर का दुर्गम भूभाग भी शामिल है, इस पर बाड़बंदी होनी बाकी है।
CM अधिकारी ने दावा किया कि प्रस्तावित 127 किलोमीटर के खंड में से केवल लगभग 8 किलोमीटर के हिस्से को ही ममता बनर्जी की सरकार के कार्यकाल में फेंसिंग की गई थी।
पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। यह भारत-बांग्लादेश की सबसे लंबी स्टेट बॉर्डर है।
2021 में केंद्र सरकार ने बंगाल में बॉर्डर पर BSF के अधिकार क्षेत्र को 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी कर दिया था। यानी BSF 50km तक के इलाके में तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती कर सकती है।
तत्कालीन ममता सरकार ने इसे राज्य के मामलों में हस्तक्षेप बताया था। दिसंबर 2021 में बंगाल विधानसभा में इसके खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया था।
चुनावी हिंसा में मारे गए लोगों के केस की जांच को भी तैयार
राजनीतिक हिंसा पर बोलते हुए, अधिकारी ने कहा कि अगर पीड़ित परिवारों ने कानूनी कार्रवाई की मांग की, तो सरकार राजनीतिक संघर्षों के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत से जुड़े मामलों की जांच करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा, “हमारे संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की जान गई, अगर उनके परिवार चाहते हैं, तो सरकार जांच शुरू करेगी।”

(Bureau Chief, Korba)




