रायपुर : पशुपालन विभाग की ऋण योजना से बदली किसान की किस्मत

              मुर्गी पालन से हुआ आर्थिक बदलाव

              रायपुर (BCC NEWS 24): सरकार द्वारा पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी, और मुर्गी पालन के लिए लोन और सब्सिडी प्रदान की जाती है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड के ग्राम उल्लूर के किसान सदाशिव कुरगुड़ इसकी प्रेरक मिसाल हैं। उन्होंने पशुधन विकास विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर मुर्गी पालन शुरू किया और आज हर वर्ष लगभग 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ कमा रहे हैं।

              योजना से मिली नई शुरुआत

              सदाशिव खेती के साथ आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त रोजगार करना चाहते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी नहीं थी। इसी दौरान उन्हें पशुधन विकास विभाग की किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी मिली। विभाग के मार्गदर्शन से उन्हें बैंक के माध्यम से 30 हजार रुपये का ऋण मिला। इस राशि से उन्होंने चूजे खरीदे और उनके लिए आवश्यक आहार एवं अन्य व्यवस्थाएं कीं।

              मेहनत और मार्गदर्शन से मिली सफलता

              नियमित देखभाल, बेहतर प्रबंधन और विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से उनका मुर्गी पालन व्यवसाय लगातार बढ़ता गया। आज वे इस व्यवसाय से हर साल लगभग एक लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं, जिसमें करीब 80 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होता है। इस अतिरिक्त आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।

              अब बड़ा पोल्ट्री फार्म लगाने का सपना

              सदाशिव कुरगुड़ का कहना है कि पशुधन विकास विभाग की योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। अब उनका लक्ष्य एक व्यावसायिक पोल्ट्री फार्म स्थापित कर रोजगार का विस्तार करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीण युवाओं तक पहुंचना चाहिए, ताकि वे भी स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

              ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बना रही हैं शासकीय योजनाएं

              जिला प्रशासन और पशुधन विकास विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-रोजगार को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। विभाग की विभिन्न योजनाएं आजीविका संवर्धन और ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी साबित हो रही हैं। सदाशिव कुरगुड़ की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ और मेहनत मिलकर किसी भी किसान की तकदीर बदल सकते हैं।


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