अहमदाबाद प्लेन क्रैश: पीड़ित परिवारों ने PM मोदी को लेटर लिखा, कहा- हम पैसे नहीं, हादसे की वजह जानना चाहते हैं; ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक करने की मांग की

              नई दिल्ली/अहमदाबाद: अहमदाबाद में एअर इंडिया प्लेन क्रैश के 10 महीने बाद करीब 30 पीड़ित परिवारों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेटर लिखा है। उन्होंने PM से फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) डेटा सार्वजनिक करने की मांग की है।

              परिजनों ने कहा, “हमें पैसे नहीं चाहिए। हमें सच्चाई जाननी है। हम जानना चाहते हैं कि हादसा क्यों हुआ और क्या इसमें कोई तकनीकी खराबी थी।” परिजनों का कहना है कि अगर ब्लैक बॉक्स डेटा सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, तो कम से कम इसे निजी तौर पर परिवारों के साथ साझा किया जाए।

              12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रहा बोइंग 787-8 विमान टेकऑफ के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज हॉस्टल पर गिर गया था। इस हादसे में 241 यात्री और 19 अन्य लोगों समेत कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।

              बोइंग विमान क्रैश में मारे गए लोगों में 60 विदेशी नागरिक थे।

              बोइंग विमान क्रैश में मारे गए लोगों में 60 विदेशी नागरिक थे।

              परिवारों का आरोप- वेबसाइट पर मृतकों के सामान की साफ फोटो नहीं

              पीड़ित परिवारों ने PM को लिखे लेटर में एअर इंडिया की तरफ से मदद की कमी का आरोप लगाया। हादसे में अपनी मां को खोने वाली किंजल पटेल ने एअर इंडिया की वेबसाइट के इस्तेमाल में आ रही दिक्कतों का जिक्र किया, जहां पीड़ितों के सामान की पहचान करनी होती है।

              उन्होंने कहा, “वेबसाइट पर 25,000 से ज्यादा सामानों की लिस्ट हैं, लेकिन तस्वीरें साफ नहीं हैं। इससे कुछ भी ढूंढ पाना या पहचान कर पाना लगभग नामुमकिन है।”

              वहीं अपनी मां, भाई और बेटी को खोने वाले खेड़ा के रोमिन वोरा ने बताया कि डिजिटल साधनों की जानकारी न होने के कारण कई परिवारों को परेशानी हो रही है।

              उन्होंने कहा, “सिर्फ एक ईमेल आईडी है और जवाब आने में 15 दिन तक लग जाते हैं। गांव के कई लोग ईमेल इस्तेमाल करना भी नहीं जानते।” उन्होंने यह भी कहा कि वेबसाइट पर निजी सामान को सार्वजनिक रूप से दिखाना असंवेदनशील है।

              प्लेन क्रैश में 24 साल के बेटे की मौत के बाद निलेश पुरोहित ने कहा, “अब मेरा घर बिल्कुल खाली लगने लगा है। कोई भी मुआवजा इस कमी को पूरा नहीं कर सकता। हमें पैसे नहीं, बल्कि सच्चाई जाननी है।”

              इस साल जून में प्लेन क्रैश की फाइनल रिपोर्ट आने की संभावना

              पीड़ित परिवारों ने लेटर की कॉपी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी हैं। इस मामले में एअर इंडिया की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

              एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। फाइनल रिपोर्ट इस साल जून में, यानी हादसे की पहली बरसी के आसपास आने की संभावना है।

              12 फरवरी : AAIB बोला- पायलट को दोषी ठहराने वाली रिपोर्ट गलत

              AAIB ने 12 फरवरी को बताया था कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच अभी भी जारी है। AAIB ने इटली के नामी अखबार कोरिएरे डेला सेरा की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिनमें घटना के लिए पायलट को दोषी ठहराए जाने की बात कही गई थी।

              इटली के अखबार ने अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए बताया था कि जांचकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुई थी। बल्कि पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद कर दिया था।

              इस पर AAIB ने कहा- जांच अभी जारी है। किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। ब्यूरो ने मीडिया से संयम बरतने और समय से पहले अटकलें लगाने से बचने का आग्रह किया।


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