CG NEWS: नई सरकार की पहली पोस्टिंग पर ही सवाल… जिन्होंने टॉप किया उन्हें बस्तर फेंका, जो काफी पीछे रहे उन्हें मिली मनचाही पोस्टिंग; चयनित अभ्यर्थियों ने जताई गड़बड़ी की आशंका

          रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकार अभी पूरी तरह से स्टैबलिश नहीं हुई। एक परीक्षा का रिजल्ट आया और इसमें की गई पोस्टिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा के टॉपर्स की पोस्टिंग सुकमा, कोंटा जैसे दूरस्थ जगहों में की गई जबकि आखिरी रैंक वालों को मैदानी इलाकों में उनके शहर के आसपास नियुक्ति दी गई। व्यापमं ने सीधी भर्ती चयन प्रक्रिया पूरी कर अंतिम सूची जारी की है।

          लिस्ट में चयनित एक अभ्यर्थी ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि नियुक्ति के समय जो 5 पांचों ऑप्शन उन्होंने दिए थे। उनमें से किसी भी जगह पर उन्हें पोस्टिंग नहीं मिली। जबकि टॉपर होने की वजह से उन्हें भरोसा था कि 5 ऑप्शन में किसी एक जगह पर आसानी से उन्हें पोस्टिंग मिल जाएगी। लेकिन जब लिस्ट जारी हुई तब रैंक में काफी पीछे रहे अभ्यर्थी को मनचाही पोस्टिंग मिली है।

          नवा रायपुर स्थित महानदी भवन।

          नवा रायपुर स्थित महानदी भवन।

          विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक ये भर्तियां तृतीय श्रेणी के लिए हुई हैं और अस्थायी रूप से तीन साल के लिए रहेंगी। इस बीच विभागीय परीक्षा पास करनी होगी ताकि आगे की सेवा कर सकें। 27 दिसंबर को ही जारी आदेश के मुताबिक इन्हें 15 दिनों के अंदर ड्यूटी जॉइन करनी है।

          गड़बड़ी की आशंका

          चयनित अभ्यर्थियों ने पोस्टिंग में गड़बड़ी की आशंका जताई है। टॉपर्स को दरकिनार कर नीचे की रैंकिंग वालों को मनमुताबिक जगह दे दी गई है। उनका कहना है कि आदेश में 15 दिनों के भीतर उन्हें जॉइनिंग देनी है। लेकिन अब उस जगह पर जॉइन करें या नहीं इस पर असमंजस की स्थिति है।

          विभागीय सचिव ने कहा – संचालक बताएंगी कैसे हुई पोस्टिंग

          इस संबंध में जब विभागीय सचिव भुवनेश यादव से हमने बात की तब उन्होंने बताया कि रिजल्ट पहले ही जारी हो गया था जबकि पोस्टिंग आचार संहिता की वजह से रुकी हुई थी। पोस्टिंग की प्रक्रिया को लेकर यादव ने कहा कि विभाग की संचालक ने प्रक्रिया अपनाई है, उनसे बात कीजिए वो ही बताएंगी कैसे पोस्टिंग हुई।

          पहले दिव्यांगों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की दी गई प्राथमिकता

          पर्यवेक्षकों की पोस्टिंग को लेकर विभाग की संचालक दिव्या मिश्रा का कहना है कि आचार संहिता से पहले सीधी भर्ती कर ली गई थी और अब चयनित अभ्यर्थियों को रिक्त पदों के आधार पर पोस्टिंग दी गई है।संचालक के मुताबिक ज्यादातर खाली पद बस्तर और सरगुजा संभाग से ही थे, इसलिए अभ्यर्थियों की नियुक्तियां भी इन्हीं जगहों में हुई है।

          उन्होंने बताया कि रिक्त पदों में से किन्हीं 5 जगहों का चुनाव अभ्यर्थी को करना था। उसी आधार पर उन्हें पोस्टिंग दी जानी थी। उन्होंने ये भी बताया कि लिस्ट में पहली प्राथमिकता दिव्यांगों को दी गई है और फिर परिसीमित भर्ती के तहत दूसरे नंबर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को रखा गया है। इस प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की रैंकिंग से उनकी पोस्टिंग निर्धारित नहीं की गई है।

          नियुक्ति आदेश



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