CG: रक्षाबंधन पर बेरोजगारी भत्ता… 1.29 लाख युवाओं के खाते में CM भूपेश ने वर्चुअली ट्रांसफर किए 34.55 करोड़; हर माह मिलते हैं 2500 रुपए

              रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को खाते में 34 करोड़ 55 लाख रुपए ट्रांसफर किए। प्रदेश के 1 लाख 29 हजार बेरोजगार युवाओं के खाते में ये राशि ट्रांसफर की गई है। इस दौरान डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव वर्चुअली कार्यक्रम से जुड़े। वहीं मंत्री अमरजीत भगत भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

              मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मे छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी भत्ता योजना शुरू की है। इसके जरिए जिन बेरोजगार युवाओं ने आवेदन किया है, उनको 2500 रुपए प्रति महीना दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि इस योजना के तहत अप्रैल महीने से अब तक 146 करोड़ 98 लाख से ज्यादा की राशि बेरोजगार युवाओं के खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है।

              मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से राशि बेरोजगारों को ट्रांसफर की।

              मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय से राशि बेरोजगारों को ट्रांसफर की।

              राष्ट्रपति के दौरे के कारण पहले भत्ता दिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हर महीने महीने की आखिरी तारीख को युवाओं के खाते में बेरोजगारी भत्ते की राशि ट्रांसफर की जाती हैं, लेकिन कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा है, इसलिए भत्ता देने का फैसला आज किया गया है। कहा कि बेरोजगारों के खाते में पैसा भेजने के दिन बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था, लेकिन रक्षाबंधन पर्व है इसलिए कार्यक्रम वर्चुअल आयोजित किया जा रहा है।

              प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से हितग्राही कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े।

              प्रदेशभर के अलग-अलग जिलों से हितग्राही कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े।

              बेरोजगारों की सहायता करने के लिए योजना

              • बेरोजगारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए यह योजना चालू की गई है।
              • गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार के लोग अपने जरूरी खर्चे में कटौती कर बच्चों को पढ़ाते हैं। इस स्थिति में जॉब नहीं लगने से परेेशानी।
              • पढ़े लिखे लोग नहीं कर पा रहे व्यापार, इसलिए सहायता।
              • फायदा उन्हीं आवेदकों को, जिनकी खुद की आय का कोई जरिया नहीं।
              • परिवार के सभी स्रोतों से वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
              • पारिवारिक आय के लिए तहसीलदार या उससे उच्च राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र बेरोजगारी भत्ता की आवेदन तिथि से एक साल के भीतर बने प्रमाण पत्र को मान्य किया जा रहा है।

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