हरियाणा: भिवानी जिले के 70 साल के इंटरनेशनल एथलीट फूल कुंवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सोमवार को सोनीपत के राठधाना और नरेला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला।
शरीर पर चोटों के कई गहरे निशान थे। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। सूचना मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
परिवार ने बताया कि फूल कुंवार ने कल ही चंडीगढ़ में खेलो इंडिया के तहत आयोजित पांचवें खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स में 3 मेडल जीते थे। इसके बाद वे कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से लौट रहे थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे।
उनका सामान अभी भी नहीं मिला है, ऐसे में परिवार को शक है कि यह हादसा नहीं है। उधर, सोनीपत जीआरपी ने परिवार के बयान के आधार पर मामले में जांच शुरू कर दी है।

एथलीट फूल कुंवार का शव सोनीपत के राठधाना और नरेला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला।
कैसे हुआ घटनाक्रम, सिलसिलेवार ढंग से जानिए…
- खेलो इंडिया प्रतियोगिता में जीते थे तीन पदक : परिवार के मुताबिक, चंडीगढ़ में 20 से 22 मार्च पांचवें खेलो मास्टर्स नेशनल गेम्स 2026 का आयोजन किया गया था। फूल कुंवार इसमें हिस्सा लेने गए थे। यहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए हाई जंप और हैमर थ्रो में गोल्ड मेडल, जबकि शॉट पुट में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। तीन मेडल जीतकर वे बेहद खुश थे।
- कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस से लौट रहे थे : वे भिवानी लौटने के लिए रविवार की शाम को कालका-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में सवार हुए थे। चंडीगढ़ से चलते वक्त उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात की थी। मगर, देर रात तक वे घर नहीं पहुंचे। सोमवार को जीआरपी सोनीपत ने उनका शव राठधाना और नरेला स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिलने की सूचना दी।
- शव खून से लथपथ था, सामान गायब : परिवार के मुताबिक, वे मौके पर पहुंचे तो फूल कुंवार का शव खून से लथपथ था। पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई कि या तो ट्रेन के दरवाजे से गिरने के कारण यह हादसा हुआ या फिर किसी ने धक्का दिया। हालांकि, अभी तक किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे मामला संदिग्ध बना हुआ है।
- एथलीट के परिवार ने उठाए सवाल : परिवार के अनुसार, फूल कुंवार के साथ भिवानी के 2 अन्य साथी भी ट्रेन में सफर कर रहे थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर यह घटना कैसे हुई। परिवार का कहना है कि वे पूरी तरह स्वस्थ और खुश थे, ऐसे में अचानक इस तरह की घटना समझ से परे है।
- रेलवे पुलिस मामले की जांच में जुटी : जीआरपी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल भेजा, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फूल कुंवार ने रविवार को ही खेलो इंडिया में सिल्वर मेडल जीता था।
फूल कुंवार का एथलेटिक्स में रहा अंतरराष्ट्रीय करियर….
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते
परिवार के मुताबिक, फूल कुंवार का खेल जीवन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 1978 से 1986 के बीच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीते। शॉट पुट, बांस कूद (पोल वॉल्ट) और हैमर थ्रो उनके मुख्य इवेंट रहे।
1982 में उन्होंने पोल वॉल्ट में नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया था। जर्मनी, मलेशिया, चीन और जापान जैसे देशों में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई मेडल हासिल किए।
खेल कोटे से पुलिस और रेलवे में नौकरी की
फूल कुंवार 1978 में हरियाणा पुलिस में सीधे एएसआई भर्ती हुए और करीब 7 वर्षों तक सेवा दी। इसके बाद 1982 में रेलवे दिल्ली में चीफ टिकट इंस्पेक्टर बने और वहीं से सेवानिवृत्त हुए। उनकी नौकरी भी खेल कोटे के आधार पर लगी थी।
70 की उम्र में भी खेलों का जुनून
फूल कंवर ने रिटायरमेंट के बाद भी खेल को कभी नहीं छोड़ा। वे मास्टर एथलेटिक्स कैटेगरी में लगातार हिस्सा लेते रहे। 70 साल की उम्र में भी वे रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे प्रैक्टिस करते थे। इतना ही नहीं, वे युवा खिलाड़ियों को भी मैदान में टिप्स देते और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे। उनकी फिटनेस और ऊर्जा को देखकर हर कोई हैरान रह जाता था।

प़ुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
परिवार में मातम पसरा
परिवार के मुताबिक, फूल कुंवार की मौत से परिवार में शोक छाया है। वे अपने पीछे पत्नी और एक शादीशुदा बेटी को छोड़ गए हैं। तीन मेडल जीतकर लौटने की खुशी का इंतजार कर रहा परिवार अब गहरे सदमे में है। घर में जश्न की जगह मातम पसरा हुआ है।

(Bureau Chief, Korba)




