Friday, February 20, 2026

              कोरबा : नहर का टूटा तटबंध, लाखों लीटर बह गया पानी, जल संसाधन विभाग ने कराया था निर्माण, दायीं तट नहर की हालत जर्जर

              KORBA: छत्तीसगढ़ के कोरबा में दायीं नहर का तटबंध टूट जाने से लाखों लीटर पानी बह गया। इस नहर को जल संसाधन विभाग ने निर्माण कराया था। घटिया निर्माण की वजह से दायीं तट नहर का तटबंध टूटा है, जिसे लेकर अब विभाग लीपापोती करने में जुटा है।

              बताया जा रहा है कि तटबंध का ऊपरी हिस्सा सुरक्षित है, लेकिन नीचे बड़ा होल हो गया है। इससे तेज गति में पानी बहा है। कुछ ग्रामीणों ने जब पानी बहते हुए देखा तो इसकी सूचना सिंचाई विभाग को दी। स्थानीय लोगों की माने तो घटना देर रात की है।

              कोरबा में नहरों की हालत जर्जर।

              कोरबा में नहरों की हालत जर्जर।

              नहर से नदी में लाखों लीटर पानी बहा

              नहर में पानी का बहाव बहुत तेज था। सुबह जब लोगों की नजर इस पर पड़ी तब तक नहर से नदी में लाखों लीटर पानी बह चुका था। किसानों के खेतों और बाड़ी के किनारे से होते हुए हसदेव नदी में जाकर मिल गया।

              मौके पर पहुंची इंजीनियर संजू मानिकपुरी।

              मौके पर पहुंची इंजीनियर संजू मानिकपुरी।

              सीतामढ़ी क्षेत्र में भी टूटा था तटबंध का हिस्सा

              किसानों ने बताया कि ये पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी सीतामढ़ी क्षेत्र में एक बड़ा हिस्सा का मध्य तटबंध टूट गया था। इसके बाद पानी आसपास के घरों में घुस गया था। इस घटना के बाद हाहाकार मच गया था। इसके बाद काफी लंबे समय तक मरम्मत कार्य चला।

              लाखों लीटर पानी बहकर नदी में मिला।

              लाखों लीटर पानी बहकर नदी में मिला।

              जल संसाधन विभाग टूटे हिस्से का कर रहा मरम्मत

              नहर का तटबंध टूटने की जानकारी मिलने पर जल संसाधन विभाग की इंजीनियर संजू मानिकपुरी मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि रात लगभग 10:00 बजे तटबंध के टूटने की जानकारी विभाग को मिली थी। आगे का काम शुरू किया जाएगा। जल संसाधन विभाग नहर के टूटे हिस्से को दुरुस्त करने में लगा हुआ है।

              जर्जर हालत में बांध के हिस्से।

              जर्जर हालत में बांध के हिस्से।

              नहर के कई हिस्से जर्जर

              बता दें कि नहर के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं, जिसका समय-समय पर मरम्मत नहीं होने से वर्तमान में स्थिति बेहाल है। कई जगहों पर बोरे से रेत भरकर बांधा गया है। वहीं कई जगह टूटने की स्थिति है। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी घटना घट सकती है।


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