कोरबा (BCC NEWS 24): बारिश का मौसम आते ही आरती बाई को अपने पुराने घर की चिंता सताने लगती थी। पाली विकासखंड के ग्राम फुलवारी पारा में रहने वाली आरती बाई के लिए बारिश सिर्फ मौसम का बदलाव नहीं, बल्कि घर के भीतर पानी टपकने और परिवार को सुरक्षित रखने की चुनौती लेकर आती थी। खपरैल की छत से रिसता पानी मिट्टी के फर्श पर टपकता रहता और परिवार को बारिश के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आरती बाई के पति बस में हेल्पर का काम करते हैं। सीमित आमदनी में परिवार का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाना ही बड़ी चुनौती थी। ऐसे में अपने लिए एक पक्का मकान बनाना उनके लिए लंबे समय तक सिर्फ एक सपना ही था। उन्हें विश्वास नहीं था कि उनकी आर्थिक स्थिति कभी उन्हें अपने परिवार के लिए पक्का घर बनाने का अवसर दे पाएगी। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ने आरती बाई के इस विश्वास को बदल दिया। योजना में नाम आने और पहली किस्त की राशि खाते में पहुंचने के साथ ही उनके सपने को जैसे जमीन मिल गई। घर की बुनियाद खड़ी होते ही आरती बाई को पहली बार महसूस हुआ कि जिस पक्के मकान की उन्होंने कभी कल्पना भर की थी, वह अब सचमुच उनके सामने आकार ले रहा है।

आरती बाई बताती हैं कि उनके दो बच्चे हैं। उनकी बेटी कक्षा 12वीं में और बेटा कक्षा 11वीं में पढ़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों के बीच पक्के मकान का निर्माण उनके लिए आसान नहीं था। वह कहती हैं, “हमारी इतनी हैसियत नहीं थी कि अपने दम पर पक्का मकान बना सकें। जब प्रधानमंत्री आवास योजना में हमारा नाम आया और पहली किस्त खाते में आई, तब भरोसा हुआ कि हमारा सपना भी पूरा हो सकता है।” पुराने दिनों को याद करते हुए आरती बाई की आंखों के सामने बारिश के वे दिन फिर तैरने लगते हैं, जब खपरैल की छत से टपकता पानी घर के भीतर मिट्टी के फर्श पर जमा हो जाता था। अब उनके लिए वह परेशानी धीरे-धीरे अतीत बन रही है। पक्के मकान की नींव के साथ उनके परिवार के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत हो रही है।
आरती बाई प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी हम जैसे न जाने कितने गरीब परिवारों के सपनों को हकीकत में बदल रहे हैं। हमारे लिए अपना पक्का घर किसी सपने से कम नहीं था, लेकिन आज यह सपना पूरा होता दिखाई दे रहा है।” आरती बाई की कहानी सिर्फ एक मकान बनने की कहानी नहीं है, बल्कि उस उम्मीद की कहानी है, जो एक गरीब परिवार के जीवन में तब जन्म लेती है, जब उसका अपना सुरक्षित आशियाना बनने लगता है। खपरैल की टपकती छत से पक्के घर की ओर बढ़ते आरती बाई के कदम यह बताते हैं कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो वह केवल घर नहीं बनाता, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार भी तैयार करता है।

(Bureau Chief, Korba)







