Saturday, May 25, 2024
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BCC News 24: CG न्यूज़- बिलासपुर-जबलपुर हाईवे पर भूस्खलन.. मोहला-बीजापुर-कांकेर जलमग्न, बाढ़ में फंसे 120 यात्रियों को बचाया गया, कल तक भारी बरसात का अलर्ट

रायपुर/बीजापुर/पेण्ड्रा: छत्तीसगढ़ के कई जगहों में कहीं तेज तो कहीं रुक-रुककर बरसात हो रही है। बस्तर संभाग के जिलों में बारिश की वजह से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, बीजापुर और कांकेर जिले के स्टेशनों पर बीती रात 100 मिलीमीटर से अधिक बरसात दर्ज हुई। लगातार बारिश से बिलासपुर-जबलपुर हाईवे पर अमरकंटक के आसपास कुछ स्थानों पर भूस्खलन हुआ। हालांकि यातायात जारी है।

एक दिन पहले बीजापुर में 250 मिलीमीटर की रिकॉर्ड बारिश हुई थी। इससे पहले जगदलपुर में 288.5 मिमी वर्षा का रिकॉर्ड 6 सितम्बर 2019 को दर्ज किया गया था। भारी बरसात की वजह से बीजापुर में नेशनल हाइवे-63 पर पेगड़ापल्ली के पास सड़क पर बाढ़ का पानी आ गया। इसकी वजह से तेलंगाना से आने-जाने वाली दो बसों और दो टैक्सी में करीब 120 यात्री एक पुल पर फंस गए। लगातार बढ़ते जलस्तर से डरे यात्रियों ने प्रशासन को इसकी जानकारी दी है।

स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी को जब बारिश की जानकारी दी तो जिला पंचायत सीईओ रवि साहू के साथ मिलकर यात्रियों को बचाने के लिए अभियान शुरू कराया। होम गार्ड की टीम नाव से नदी पारकर बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंची। उसके बाद छोटे-छोटे समूहों में सभी 120 यात्रियों और चालक दल को वहां से निकालकर मद्देड के एक राहत शिविर में पहुंचाया गया। वहां यात्रियों के भोजन और सोने का इंतजाम हुआ। बताया जा रहा है कि इन यात्रियों में अधिकतर लोग तेलंगाना और बेंगलुरु से लौट रहे थे।

चिन्नाकवल्ली गांव में बाढ़ में फंसे 50 से अधिक मवेशी डूब गए।

चिन्नाकवल्ली गांव में बाढ़ में फंसे 50 से अधिक मवेशी डूब गए।

मौसम विभाग के मुताबिक, 12 सितम्बर को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना भी बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि भारी वर्षा का मुख्य प्रभाव दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर-दुर्ग संभाग के जिलों पर पड़ेगा। मौसम विभाग ने 12 सितम्बर को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा, आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

कल भी भारी बारिश की संभावना

वहीं 13 सितम्बर को भारी वर्षा, वज्रपात और तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। अगले दो-तीन दिनों तक प्रदेश के कई स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को बिजली चमकते समय खुले में बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन ने लोगों को बाढ़ वाले नदी-नालों के पास न जाने और पुल के ऊपर से बह रहे पानी के बीच से वाहन पार नहीं कराने की भी सलाह दी है।

रायपुर में रात को कुछ इस तरह बरसात हुई।

रायपुर में रात को कुछ इस तरह बरसात हुई।

रायपुर में सुबह तक 23 मिमी वर्षा दर्ज

राजधानी रायपुर में सुबह 8.30 बजे तक 23.9 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हो चुकी है। वहीं आरंग में भी 15 मिमी से अधिक पानी बरसा है। रायपुर जिले के दूसरे क्षेत्रों माना, तिल्दा, अभनपुर आदि में पांच या पांच मिमी से कम पानी बरसा है। यहां घने बादलों के साथ ठंडी हवाएं चल रही हैं। कुछ क्षेत्रों में रुक-रुक कर बौछार पड़ रही है। आंकड़ों के लिहाज से यहां मौसम खुशनुमा है। राजनांदगांव, खैरागढ़, कोरबा और रायगढ़ जिलों में भी अच्छी बरसात हुई है।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक के पास भू-स्खलन से कट रही है सड़क।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में अमरकंटक के पास भू-स्खलन से कट रही है सड़क।

बिलासपुर-जबलपुर हाईवे पर भूस्खलन से खतरा

लगातार हो रही भारी बरसात की वजह से अमरकंटक के पहाड़ों में भू-स्खलन हो रहा है। बिलासपुर-जबलपुर हाईवे पर सड़क किनारे पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरक गया है। केंवची से अमरकंटक के बीच सिद्धबाबा आश्रम के पास पुलिया का एक हिस्सा भी इस भू-स्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। मिट्‌टी और चट्‌टानों के अत्यधिक कटाव की वजह से सड़क पर खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर पहाड़ों से पत्थर भी गिरकर सड़क पर आ रहे हैं। अभी तक लोकनिर्माण विभाग ने फौरी राहत के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया है।

इस सिस्टम से पूरे प्रदेश में बारिश

इस समय मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर नलिया, अहमदाबाद, ब्रह्मपुरी, जगदलपुर, दक्षिण तटीय ओडिशा और उससे लगे अवसाद के केंद्र और वहां से पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर पूर्वी मध्य खाड़ी से गुजर रही है। एक अवदाब उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण तटीय ओडिशा और उससे लगे उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश के उपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा 5.8 किमी ऊंचाई तक स्थित है। इसके उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ से गुजरने की प्रबल संभावना है।

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