महाराष्ट्र: नासिक TCS केस में नया खुलासा, मुख्य आरोपी ने महिला कर्मचारी पर धर्म बदलने का दबाव बनाया, पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी, नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने की योजना थी

              महाराष्ट्र: नासिक के TCS ऑफिस उत्पीड़न मामले में अब नया खुलासा हुआ। पुलिस ने दावा किया है कि मुख्य आरोपी निदा खान ने महिला कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन और नाम बदलकर ‘हानिया’ रखने का दबाव बनाया था। इसके लिए पीड़िता को बुर्का और इस्लामिक किताबें दी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।

              पीड़िता के मोबाइल में ऐसे ऐप्स भी इंस्टॉल कराए गए जिससे उसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा सके। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के शैक्षिक दस्तावेज छीन लिए गए थे और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजकर इमरान नामक व्यक्ति के पास काम पर लगाने की भी योजना थी।

              पुलिस ने कहा है कि निदा खान की तलाश जारी है। निदा ने दो महीने की प्रेग्नेंसी का हवाला देकर अग्रिम जमानत के लिए नासिक सेशन कोर्ट में अर्जी भी दी थी। कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था।

              TCS के ज्यादातर कर्मचारी मिडिल क्लास से

              इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

              कंपनी की ज्यादातर पीड़ित मिडिल क्लास परिवारों से हैं। उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है। वे एसोसिएट लेवल पर काम करती थीं और 20 हजार रुपए महीना सैलरी पाती थीं। इस मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

              पीड़ित इंजीनियर बोली- गुड़ी पड़वा के दौरान छेड़छाड़ हुई

              पीड़ित महिला इंजीनियर ने 5 आरोपियों पर जून 2025 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि एक आरोपी ने हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी की।

              महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसका टीम लीडर ट्रेनिंग के बहाने उसे गलत तरीके से छूता था। एक अन्य आरोपी ने ऑफिस की पेंट्री में गुड़ी पड़वा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसकी शादीशुदा जिंदगी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।

              TCS ने इस मामले पर कहा है कि कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती है। नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

              कंपनी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में उसे अपने एथिक्स या POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) चैनलों पर किसी महिला कर्मचारी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली थी। साथ ही, कंपनी ने आंतरिक जांच के लिए एक ओवरसाइट पैनल बनाने और बाहरी एजेंसियों को शामिल करने की घोषणा की है।


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