नई दिल्ली: पीएम मोदी अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह फ्रांस में होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के नेताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे।
फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियां-ले-बैंस में 15 से 17 जून तक 52वां जी7 सम्मेलन आयोजित होगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को विशेष साझेदार देश के नेता के रूप में आमंत्रित किया है। भारत को 2019 से लगातार जी7 बैठकों में बुलाया जा रहा है और इसकी शुरुआत भी फ्रांस ने ही की थी।
जी7 सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई, व्यापार तनाव, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा और यूक्रेन व पश्चिम एशिया के संघर्ष जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल होंगे। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक होगी या नहीं। फरवरी 2025 के बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है, हालांकि फोन पर कई बार बातचीत हो चुकी है।
मोदी फ्रांस दौरे के बाद स्लोवाकिया भी जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। भारत और स्लोवाकिया के बीच 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।
फरवरी में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत आए थे और उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात हुई थी।
भारत और स्लोवाकिया के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है और हाल ही में यह 1.3 अरब यूरो से ज्यादा पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
स्लोवाकिया को यूरोप का डेट्रॉइट भी कहा जाता है, क्योंकि वहां हर साल करीब 10 लाख कारें बनती हैं। वहां फॉक्सवैगन, किया, स्टेलेंटिस और जगुआर लैंड रोवर जैसी बड़ी कंपनियों की फैक्ट्रियां हैं।

(Bureau Chief, Korba)




