Tuesday, June 25, 2024
Homeछत्तीसगढ़कोरबापुलिस ने महिला को जमीन पर पटका, फिर मारी लात.... हेड कांस्टेबल...

पुलिस ने महिला को जमीन पर पटका, फिर मारी लात…. हेड कांस्टेबल और महिला पुलिसकर्मियों ने की बर्बरता; अतिक्रमण हटाने पहुंची थी टीम

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिसकर्मी ने महिला के बाल पकड़कर उसे लात मार दी। इतना ही नहीं एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे जोर से जमीन पर पटक दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और महिलाओं के बीच जमकर विवाद हुआ।

यह पूरा मामला तिलसीवा गांव का है। वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक प्रदीप उपाध्याय महिला को लात मारते नजर आ रहे हैं। इनके अलावा कुछ दूसरे पुलिसकर्मी भी महिलाओं को दौड़ा रहे हैं। असल में तिलसीवा गांव में 18 से ज्यादा लोगों ने गौठान की जमीन पर कब्जा कर रखा था। जिसके चलते प्रशासन की टीम ने इन्हें नोटिस जारी किया था। लेकिन जब इन्होंने कब्जा खाली नहीं किया, तब प्रशासन की टीम बुधवार को यहां अतिक्रमण हटाने गई थी।

महिला पुलिसकर्मी ने महिला को जमीन पर पटक दिया।

महिला पुलिसकर्मी ने महिला को जमीन पर पटक दिया।

अतिक्रमण हटाई गई टीम पर पथराव

बताया जा रहा है कि, महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव भी किया था। जब तहसीलदार वर्षा बंसल प्रदर्शनकारी महिलाओं को समझाने के लिए पहुंचीं, तब उन्होंने तहसीलदार का भी घेराव कर दिया और उनसे बदतमीजी करने लगीं। उन्हें कुछ देर के लिए बंधक भी बना लिया था। इसके बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फिर महिलाओं को हिरासत में लिया गया था।

महिला को गाड़ी में बिठाना चाहते थे पुलिसकर्मी।

महिला को गाड़ी में बिठाना चाहते थे पुलिसकर्मी।

एसपी बोले-मारपीट की जानकारी नहीं

उधर, इस मामले में एसपी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। जबकि एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने कहा है कि कुछ बाहरी तत्वों ने ही हमला किया किया था। उस संबंध में केस भी दर्ज किया गया है।

महिलाओं ने तहसीलदार को घेर लिया था।

महिलाओं ने तहसीलदार को घेर लिया था।

15 मई को 2 पक्षो में हुआ था विवाद

इसके पहले 15 मई को भी जिला प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने तिलसुवां गांव पहुंची थी। जहां गांव के ही दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। जिसमें कई महिलाओं को चोटें आई थीं। इस मामले में भी पुलिस ने 12 से ज्यादा महिलाओं पर अपराध दर्ज किया था। जिसकी जांच अभी चल रही है। 24 मई की घटना में भी वही महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने पहले गांव की महिलाओं के साथ मारपीट की थी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular