KORBA : जिले में बकरियों के कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा शुरू, नस्ल सुधार से बढ़ेगी पशुपालकों की आय

        कोरबा (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले के पशुपालकों व बकरी पालकों के उन्नति, बेहतर रोजगार के साधन उपलब्ध कराने एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उत्तरी छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें ने बताया कि जिले के 15 संस्थाओं में नियुक्त पशु चिकित्सकों और ए.वी.एफ.ओ. को अंबिकापुर में 03 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिलाने के पश्चात अब मैदानी स्तर पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इस योजना के तहत केंद्रीय वीरुजालय दुर्ग से प्राप्त जमुनापारी, बारबरी, ब्लैक बंगाल और सिरोही जैसी उन्नत नस्लों के बकरों के सीमेन का उपयोग किया जा रहा है। पूर्व में पाली विकासखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किए गए 55 कृत्रिम गर्भाधानों से 30 स्वस्थ मेमने प्राप्त हुए हैं, जिससे पशुपालकों में भारी उत्साह है। वर्तमान में जिले की 15 संस्थाओं में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं और जल्द ही यह सुविधा सभी विकासखंडों में उपलब्ध होंगी। जिससे बकरी पालक किसानो को अधिकाधिक लाभ मिलेगा। विभाग का लक्ष्य उन्नत नस्लों के माध्यम से स्थानीय पशुपालकों की आय में वृद्धि करना और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस हेतु सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को मैदानी स्तर पर प्रचार प्रसार एवं पशुपालकों को अधिकाधिक लाभ देने निर्देशित किया गया है।



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