बास्तानार के श्रमिक किरण ठाकुर की प्रेरक कहानी
रायपुर (BCC NEWS 24): छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल देने की शासन की मंशा अब धरातल पर रंग लाती दिख रही है। बस्तर जिले के बास्तानार विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम तुरांगुर के निवासी किरण ठाकुर की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ सरकारी सहायता ने एक पिता के अपनी बेटी को शिक्षित करने के संकल्प को नई उड़ान दी है।
सफलता का सफर
तनीषा ठाकुर (कक्षा 9वीं की छात्रा) और उनके पिता किरण ठाकुर पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना एवं अन्य सहायक योजनाएंसे उसे कुल सहायता 5,000 की प्रत्यक्ष आर्थिक मदद मिली।
शिक्षा के प्रति जागरूकता और त्वरित लाभ
पंजीकृत निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत किरण ठाकुर अपनी बेटी तनीषा को बेहतर भविष्य देने के लिए सतत प्रयासरत थे। जब उन्हें शासन की मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने बिना विलंब किए श्रम संसाधन केंद्र में आवेदन किया। शासन की तत्परता से इसके परिणाम शीघ्र ही प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति डीबीटी (क्ठज्) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में 3 रूपए की राशि हस्तांतरित की गई। अतिरिक्त सहायता के रूप में निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 2 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई। हितग्राही श्रमिक किरण ठाकुर ने कहा कि श्रम विभाग की ये योजनाएं हम जैसे हजारों श्रमिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इन योजनाओं की निरंतरता से अब गरीब बच्चों की शिक्षा में पैसों की कमी कभी आड़े नहीं आएगी।
भविष्य की नई राह
कुल 5 हजार रूपए की इस आर्थिक सहायता ने न केवल तनीषा की पढ़ाई की राह में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर किया है, बल्कि पूरे परिवार में एक नया आत्मविश्वास जगाया है। किरण ठाकुर की यह सफलता की कहानी आज क्षेत्र के अन्य श्रमिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। शासन की यह पहल स्पष्ट करती है कि यदि अभिभावक जागरूक हों और सरकार का संबल मिले, तो संसाधनों का अभाव कभी भी मेधावी बच्चों के सपनों को नहीं रोक सकता।

(Bureau Chief, Korba)




