छत्तीसगढ़ : माता बनी कुमाता, अपनी नवजात बेटी को सड़क पर मरने के लिए छोड़ा, रोने की आवाज सुनकर मोहल्ले वालों ने बचाई जान

              कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मां की ममता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक नवजात शिशु को मां ने सड़क पर मरने के लिए फेंक दिया था। मोहल्ले वालों की नजर पड़ी तो नवजात की जान बची। पुलिस को खबर कर नवजात को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहां शिशु का ईलाज जारी है। वहीं पुलिस नावजात की मां की तलाश में जुट गई है।

              बली रात नेताम ने शुक्रवार को सुबह पुलिस को बताया कि रात करीब 4 बजे घर के बाहर किसी बच्चे के रोने की आवाज आई। आवाज सुनकर वह घर से बाहर निकला तो देखा कि उसके घर के सामने बरामदे में एक नवजात बच्चा पड़ा हुआ है, बच्चे के आसपास कोई नहीं था। जिसके बाद आसपास रहने वालों से भी पूछताछ किया गया परंतु सभी ने बच्चे के बारे में जानने से इनकार कर दिया। वहीं नवजात की सड़क पर पडे़ होने की खबर लगते ही मौके पर लोगों का भीड़ जमा हो गई जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दिया गया।

              अज्ञात मां की तलाश में पुलिस जुटी

              पुलिस मौके पर पहुंची और मोहल्ले वालों की मदद से नवजात शिशु को अस्पताल में पहुंचाया जहां बच्ची का ईलाज जारी है। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है। वहीं पुलिस ने बच्चे के संदर्भ में मोहल्ले वासियों से पुछताछ किया लेकिन बच्चे के संबध में कोई भी सुराग नहीं मिल पाया। अज्ञात मां की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। नरहरपुर वार्ड के सभी मितानिन, अस्पताल व सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। कहीं से भी उक्त अज्ञात महिला के संबध में जानकारी जुटाई जा रही है। महिला या उसके परिजनों के मिलने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आंखिर उन्होने बेटी के पैदा होने के बाद उसे मरने के लिए क्यों छोड़ दिया।


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