कोरबा: जिले में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और मंत्री लखनलाल देवांगन के बीच रेत तस्करी, अवैध वसूली और बालकोनगर में दुकानों को हटाए जाने के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। यह विवाद उस समय सामने आया, जब बालको प्रबंधन ने लघु दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए नोटिस जारी किए।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग बालको में ‘दलाली’ करते हैं और अवैध वसूली के लिए काम का टुकड़ा लेने में संलिप्त हैं, इसलिए वे इस मुद्दे पर सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि लखन लाल देवांगन के भतीजे ने ‘फरमान’ जारी किया है कि रेत का काम केवल वही करेंगे और इसी के तहत वसूली की जा रही है।
दूसरी ओर मंत्री लखन लाल देवांगन ने जयसिंह अग्रवाल के आरोपों को खारिज करते हुए उन पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जयसिंह अग्रवाल बालको में दुकान हटाए जाने के मुद्दे पर ‘राजनीति’ कर रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए रेत सप्लाई के आरोपों को भी निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जयसिंह अग्रवाल बालको में दुकान हटाए जाने के मुद्दे पर ‘राजनीति’ कर रहे हैं।

मंत्री लखन लाल देवांगन ने जयसिंह अग्रवाल के आरोपों को खारिज करते हुए उन पर पलटवार किया है।
आरोप साबित करने की चुनौती
लखन लाल देवांगन ने जयसिंह अग्रवाल को चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके भतीजे पर लगाए गए वसूली के आरोपों को प्रमाणित करें। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे यह साबित कर सकते हैं कि उनका भतीजा कहीं जाकर पैसा वसूलता है, उसके पास कितने ट्रक हैं, या वह सर पर बालू सप्लाई करेगा।
दुकानदारों के समर्थन में बैठक आयोजित
बता दें कि पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बालकोनगर के लघु दुकानदारों के समर्थन में उत्सव वाटिका, इंदिरा मार्केट में बैठक आयोजित की थी। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बालको प्रबंधन से नोटिस प्राप्त प्रभावित दुकानदार और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम
बालको प्रबंधन ने इन दुकानदारों को अपनी दुकानें खाली करने के लिए 8 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया था। नोटिस में कहा गया था कि अगर दुकानदार खुद स्थल खाली नहीं करते हैं, तो प्रबंधन की ओर से बलपूर्वक ठेला-गुमटी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

(Bureau Chief, Korba)




